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कर्मचारियों और छात्राओं ने कॉर्डियक अरेस्ट का प्रशिक्षण लिया

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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मेडिकल एजुकेशन विभाग की ओर से प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके तहत संस्थान के कर्मचारियों व छात्राओं को कप्रेशन ओनली लाइफ, सपोर्ट कॉल्स (सीपीआर) की ट्रेनिंग दी गई।
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एम्स में शनिवार को आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. डॉ. रविकांत ने कहा कि बेसिक लाइफ सपोर्ट कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षित व्यक्ति अस्पताल के बाहर कार्डियक अरेस्ट से ग्रस्त व्यक्ति की फौरी तौर पर सहायता कर उसका जीवन बचा सकते हैं। इसके तहत एम्स में कार्यरत सभी कर्मचारियों को कार्यशालाओं के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर 42 कार्यालय सहायकों व बीएससी तृतीय वर्ष की 56 छात्राओं को कार्डियक अरेस्ट से ग्रस्त रोगियों की पहचान व बचाव के गुर सिखाए गए। कार्यशाला में संस्थान की डॉ. वसंता कल्याणी ने बताया कि कॉर्डियक अरेस्ट से ग्रस्त व्यक्ति की जान बचाने के लिए कंप्रेशन ओनली लाइफ सपोर्ट कॉल्स का अहम योगदान होता है। कप्रेशन से भी महज पांच से छह मिनट में किसी रोगी की जान बचाई जा सकती है। कार्यशाला के बाद प्रशिक्षित कर्मचारियों की लिखित व प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। इसके बाद उन्हें प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। कार्यशाला में डॉ. मोनिका पठानिया, मलहार कोडी, डॉ. आरूप मोहंती, अरुण बर्गेश ने प्रशिक्षण दिया।
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