ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
भाजपा से बगावत कर मेयर पद के लिए निर्दलीय नामाकंन करने वाली चारू कोठारी के बोल चार दिन में ही बदल गए हैं। नामांकन के दौरान जमकर भाजपा के चाल, चरित्र और चेहरे पर सवाल उठाने वाली चारू अब भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी ताकत लगाने की बात कह रही हैं। इस बाबत उन्होंने सोमवार को प्रेसवार्ता कर अपने बदले हुए मन का हाल बयां किया।
शुक्रवार को एक सभा के दौरान भगतराम कोठारी और उनकी पत्नी चारू कोठारी भाजपा प्रत्याशी और पदाधिकारियों के साथ मंच साझा किया। इस दौरान दंपति न सिर्फ भाजपा के अनुशासन में दिखे बल्कि पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी अनीता ममगाईं को जिताने की गारंटी भी दी। इस ताजा परिवर्तन से साफ हो गया है कि फिलहाल चारू कोठारी अपना नाम वापस लेंगी। शनिवार को इसकी औपचारिकता पूरी हो सकती है।
डैमेज कंट्रोल में कामयाब रही भाजपा
भितराघात और बागी तेवरों से भाजपा को जो चोट मिली थी, उसके घाव अब भर रहे हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि चारू के पति भगतराम कोठारी को राज्य मंत्री बनाने का ऑफर दिया गया है। इस प्रस्ताव में कोठारी दंपति को भी कोई नुकसान नहीं दिखा। लिहाजा उन्होंने अंदरखाने अपनी और बाहरी तौर पर संगठन की बात मान ली है। फिलहाल भाजपा के प्रयास अभी खत्म नहीं हुए हैं और अन्य बागियों को पाले में लाने की हर जुगत लगाई जा रही है।
मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात ने बदल दिया समीकरण
मेयर पद की निर्दलीय प्रत्याशी चारू कोठारी की शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के साथ मुलाकात हुई। इस दौरान गिले शिकवे दूर किए गए। बाद में सभी ने सामूहिक फोटो जारी कर डैमेज कंट्रोल का संदेश भी दिया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, भगतराम कोठारी सहित पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।