श्रीनगर। एनआईटी प्रशासन कैंपस छोड़कर गए छात्रों को मनाने में जुट गया है। प्रशासन ने इस संबंध में मेल और फोन के माध्यम से छात्रों व उनके परिजनों से बात की है। एनआईटी प्रशासन का कहना है कि आग्रह के बाद भी यदि छात्र नहीं लौटे तो नोटिस भेजा जाएगा।
एनआईटी के छात्र कैंपस शिफ्टिंग की मांग के लिए आंदोलित हैं। विगत तीन अक्तूबर को हाईवे पार करते समय एनआईटी की दो छात्राओं को एक कार ने टक्कर मार दी थी। दुर्र्घटना में दोनों छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गई थी। ऋषिकेश एम्स में उनका उपचार चल रहा है। छात्राओं के गंभीर रूप से घायल होने पर एनआईटी के छात्र आंदोलित हो गए थे। छात्रों का कहना था कि सुरक्षा की दृष्टि से कैंपस सही नहीं है। एनआईटी के छात्र एक बार पूर्व में भी स्थायी परिसर निर्माण की मांग के लिए आंदोलन कर चुके हैं। इस बार छात्र कैंपस शिफ्टिंग की मांग कर रहे हैं। विगत मंगलवार को संस्थान के 900 छात्रों ने कैंपस छोड़ दिया था। अब एनआईटी प्रशासन छात्रों को मनाने में जुटा है। संस्थान के प्रभारी निदेशक प्रो. आरबी पटेल ने बताया कि छात्रों और उनके परिजनों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। मेल व फोन के माध्यम से छात्रों से लौटने का आग्रह किया गया है। आग्रह के बाद भी यदि छात्र नहीं लौटे तो नोटिस दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री की मानव संसाधन विकास मंत्री से वार्ता हुई है। एनआईटी के स्थायी कैंपस का शीघ्र निर्माण शुरू हो जाएगा। पूर्व विधायक यह बताएं कि उनकी सरकार ने पांच साल में क्या किया। उनको एनआईटी के बारे में जानकारी नहीं है, इसलिए लोगों को बेवकूफ न बनाएं।
-डा. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री व श्रीनगर विधायक।