श्रीनगर। गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र में आज (रविवार) से मौसम विज्ञानी, पर्यावरण विज्ञानी, टैक्नोक्रेट्स और कैंसर विशेषज्ञ जुटेंगे। देश विदेश से पहुंचने वाले विशेषज्ञ संगोष्ठी में एयरोसोल (सूक्ष्म धूल के कण) और वायु की गुणवत्ता पर चर्चा करेंगे।
विवि के भौतिकी विभाग की ओर से उत्तराखंड के एयरोसोल, वायु गुणवत्ता और जलवायु परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को संगोष्ठी के समन्वयक प्रो. एससी भट्ट ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि कार्यक्रम में राष्ट्रीय भौतिकी प्रयोगशाला, जवाहर लाल विवि, भारतीय वानिकी अनुसंधान संस्थान, भारतीय उष्णदेशीय मौसम संस्थान पुणे, आईआईटी, भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान, बोस इंस्टीट्यूट दार्जलिंग, साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फीजिक्स और बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर (बीएमआरसी)ग्वालियर सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ प्रजेंटेशन देंगे। कार्यक्रम में वर्तमान में चिंता का कारण बने एयरोसोल (सूक्ष्म धूल के कण) और मौसम परिवर्तन के कुप्रभावों पर मंथन किया जाएगा। यह कार्यक्रम विवि के छात्रों, शिक्षकों सहित अन्य संस्थानों के शोध छात्रों के लिए लाभदायक होगा। इसमें 250 विशेषज्ञ, शोधकर्ता व छात्र प्रतिभाग कर रहे हैं। रविवार को संगोष्ठी का शुभारंभ राष्ट्रीय भौतिकी प्रयोगशाला दिल्ली के निदेशक डा. डीके असवाल करेंगे। इस अवसर पर आयोजन सचिव डा. आलोक सागर गौतम, शोध अधिकारी डा. मनीष उनियाल व शोध छात्रा गरिमा उपस्थित थे।