ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तीर्थनगरी में ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में डेंगू का तांडव जारी है। शुक्रवार को मायाकुंड में डेंगू के छह नए मामले सामने आए हैं। पीड़ितों का उपचार शहर के निजी अस्पतालों में चल रहा है। शहर में अब डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 48 पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बावजूद डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा लगातार जारी है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुभाष जोशी ने बताया कि लोगों में जागरुकता की कमी के कारण डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि डेंगू से बचने के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है इसके लिए बकायदा 55 आशाओं की टीम ऋषिकेश में डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है। आंकड़ों की माने तो ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में जुलाई से लेकर अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या 48 पहुंच चुकी है। सर्वाधिक डेंगू के मामले मुनिकीरेती नगर पालिका के चौदहबीघा क्षेत्र और ऋषिकेश में चंद्रेश्वर नगर, मायकुंड और चंद्रभागा के हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना डेंगू के मरीज पहुंच रहे है।
मायाकुंड की नालियों में जमा है पानी
ऋषिकेश में मायाकुंड का इलाका भी डेंगू से प्रभावित है। क्षेत्र में सड़क किनारे नालियों में कूड़ा भरा पड़ा है, जिससे पानी जमा रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नालियों में जमे पानी से आसपास मच्छर पनप रहे हैं। क्षेत्र में कई लोग डेंगू की चपेट में है और कुछ का इलाज भी चल रहा है। ऐसे में नालियों की नियमित सफाई की जानी बेहद आवश्यक है।
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परिचर्चा
- मायाकुंड में नालियों की नियमित सफाई नहीं की जा रही है, जिससे कचरा फंसने से नालियों में पानी जमा हो रहा है। आसपास कई लोग डेंगू से पीड़ित हैं, और यहां पर नियमित रूप से नगर निगम की ओर से फॉगिंग भी नहीं की जा रही है।
- मनोरंजन, स्थानीय निवासी
- मेरे परिवार में तीन लोगों को डेंगू हो चुका है। दो लोग अब ठीक है, लेकिन बेटे का उपाचार प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। गरीब आदमी हूं सारा पैसा इलाज में लग रहा है।
- शपन, स्थानीय निवासी
- हमारे मोहल्ले में तीन लोगों को डेंगू हो चुका है। फिलहाल एक लड़का तो अब ठीक है, लेकिन दो लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।
- पुष्पा देवी, स्थानीय निवासी
- मुझे कुछ दिन पहले डेंगू हुआ था, अब थोड़ा ठीक हूं। यहां पर क्षेत्र में गंदगी है, नालियों में पानी जमा रहने से मच्छर अधिक है। लेकिन साफ सफाई नहीं की जाती है।
- ज्ञानचंद, स्थानीय निवासी
कोट्स
नगर निगम के सफाई निरीक्षक सचिन रावत ने दावा किया कि मायाकुंड में नियमित रूप से साफ सफाई कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि डेंगू को देखते हुए क्षेत्र में शुक्रवार को भी टीम के द्वारा फॉगिंग की गई थी।