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मां चंडिका कमेटी सिमली की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के पहले दिन उमड़ा श्रद्वालुओं का सैलाब

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गोपेश्वर/कर्णप्रयाग/श्रीनगर। कलक्ट्रेट परिसर में कर्मचारी रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला का भव्य मंचन शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को मुख्य कोषाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने रिब्बन काटकर रामलीला का शुभारंभ किया। उन्होंने दर्शकों से रामचंद्र जी के पद चिह्नों पर चलने का आह्वान किया।
रामलीला मंचन में पहले दिन रावण की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ब्रह्म देव ने रावण को बलशाली होने, कुंभकरण को निंद्रा और विभीषण को श्री राम की तपस्या में लीन होने का वरदान दिया। वरदान मिलते ही लंकापति रावण कैलाश पर्वत को अपनी शक्ति के बल पर हिलाता है। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दीं। इस मौके पर अध्यक्ष संतोष भंडारी, मोहन सिंह रावत, जानकी प्रसाद मिश्रा, राकेश पंवार, मयंक पंवार, विनय असवाल, पदमेंद्र रावत और आयुष नेगी आदि मौजूद थे।
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कर्णप्रयाग के सिमली बाजार में मां चंडिका रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला मंचन का आयोजन किया गया। रामलीला के पहले दिन श्री राम के जन्मोत्सव का मंचन किया गया। रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हरिकृष्ण भट्ट ने किया। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, विक्रम कठैत, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, महंत योगेशानंद महाराज, जयदीप गैरोला, रविंद्र खंडूड़ी और बीएन डिमरी आदि मौजूद थे।
श्रीनगर में कमलेश्वर मंदिर प्रांगण में रामलीला का मंचन किया गया। रामलीला में भगवान राम का जन्म, ताड़का वध समेत शिव-रावण संवाद का मंचन हुआ। रामलीला मंचन देखने के लिए काफी संख्या में दर्शक पहुंचे। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष हिमांशु अग्रवाल, कमलेश्वर महादेव मंदिर के महंत आशुतोष पुरी, मुकेश अग्रवाल, सागर अग्रवाल व अरुण बडोनी आदि उपस्थित थे।
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राम-भरत मिलाप ने दर्शकों को किया भावुक
उत्तरकाशी। श्री आदर्श रामलीला समिति की ओर से आजाद मैदान में आयोजित रामलीला में नवरात्रा पाठ शुरू किया गया है। आयोजन के सातवें दिन आचार्य माधव नौटियाल के सानिध्य में पाठ किया गया। बुधवार रात को हुई रामलीला में भरत-कैकेई संवाद का मंचन किया गया। राम को वनवास भेजने से व्याकुल भरत की पीड़ा और कैकेई के अपराध बोध के भावों को कलाकारों ने जीवंत कर दिया। पुत्र मोह के चलते हुई गलती को सुधारने के लिए भरत अपनी तीनों माता के साथ राम, सीता और लक्ष्मण को वापस अयोध्या ले जाने के लिए वन में पहुंचे। जहां राम-भरत मिलाप के भावभूर्ण दृश्य देख दर्शक भावुक हो उठे। राम भरत के साथ जाने से मना कर देते हैं तो भरत राम की खड़ाऊ अयोध्या ले जाते हैं। रामायण के इन प्रसंगों में नरेंद्र राणा, धर्मेंद्र रमोला, मोनिका नेगी, प्रतिभा गुसाईं, वंदना रावत, कविता रावत, विनोद नेगी आदि कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष रमेश चौहान, जयेंद्र पंवार, भूपेश कुड़ियाल और अमर पाल रमोला आदि मौजूद रहे।
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