गोपेश्वर। केदारनाथ धाम की तर्ज पर अब बदरीनाथ धाम को भी मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाएगा। बुधवार को बदरीनाथ धाम पहुंचे मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने यह बात कही। उन्होंने पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के साथ बदरीनाथ धाम के प्रस्तावित मास्टर प्लान पर शासन से चिह्नित कंपनी के समन्वयक (कंसल्टेंट) से चर्चा की।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार को बुधवार सुुबह नौ बजे हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ धाम पहुंचना था, लेकिन मौसम को देखते हुए वे बदरीनाथ के बजाय केदारनाथ धाम में निर्माण कार्यों का जायजा लेने पहुंचे। करीब दो घंटे केदारनाथ में रहने के बाद वे दोपहर करीब बारह बजे हेलीकॉप्टर से पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के साथ बदरीनाथ पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले बदरीनाथ के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने शासन से चिह्नित कंपनी के समन्वयक से बदरीनाथ के प्रस्तावित मास्टर प्लान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ को केदारनाथ धाम की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। शासन स्तर से इसकी तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ धाम में संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऑल वेदर रोड और रेल परियोजना का कार्य पूरा होने पर बदरीनाथ में प्रतिवर्ष रिकार्ड यात्रियों के पहुंचने की संभावना है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि राज्य में हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी बेहतर होने से धाम पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस मौके पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी हसांदत्त पांडे, लोनिवि के ईई डीएस रावत, जिला पर्यटन अधिकारी विजेंद्र पांडे के साथ ही समस्त जिलास्तरीय अधिकारी मौजूूद थे।
माणा के हस्तशिल्प बढ़ाने को तैयार करेंगे योजना
गोपेश्वर। मुख्य सचिव एवं पर्यटन सचिव ने देश के अंतिम गांव माणा का भी भ्रमण कर प्रस्तावित कार्यों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। सीएस उत्पल कुमार ने कहा कि माणा गांव के हस्तशिल्प को आगे बढ़ाने के लिए शासन स्तर से ठोस योजना तैयार की जाएगी। ऊनी वस्त्रों की डिजाइन औैर फिनिशिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।