जोशीमठ। हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी के मुख्य यात्रा पड़ाव घांघरिया में अतिक्रमण पर नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने गुरुद्वारा प्रबंधक समेत 50 लोगों को नोटिस थमाया है। यहां लोगों की ओर से सरकारी भूमि पर स्थायी व अस्थायी निर्माण कर व्यवसाय संचालित किया जा रहा है।
हिमालय संस्था की ओर से घांघरिया में अवैध रूप से किए गए निर्माण कार्यों पर न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसके बाद आनन-फानन में एनडीआरपी के अधिकारियों की ओर से अवैध निर्माण चिह्नित कर 50 लोगों को नोटिस थमाए हैं। बदरीनाथ हाईवे पर स्थित गोविंदघाट से 13 किमी की पैदल दूरी पर हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी का मुख्य यात्रा पड़ाव घांघरिया स्थित है। यहां रात्रि विश्राम करने के बाद तीर्थयात्री और पर्यटक आगे का सफर तय करते हैं। यह नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन का संरक्षित क्षेत्र है। हाल ही में प्रदेश की हिमालय संस्था की ओर से हाईकोर्ट में घांघरिया में अवैध रूप से निर्माण कार्यों के विरुद्ध याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद एनडीआरपी प्रशासन जागा है। एनडीआरपी के एसडीओ टीएस साईं ने बताया कि घांघरिया में 50 लोगों की ओर से अवैध रूप से निर्माण कार्य किए गए हैं। इसमें गुरुद्वारा भवन भी शामिल है। हिमालय संस्था की ओर से इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट के निर्देश पर घांघरिया में अतिक्रमण चिह्नित कर संबंधितों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस भेज दिया गया है।