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परियोजना प्रभावितों ने टीएचडीसी पर लगाया वायदाखिलाफी का आरोप

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पीपलकोटी। परियोजना प्रभावितों की बैठक में टीएचडीसी के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। प्रभावितों ने कहा कि टीएचडीसी ने परियोजना के लिए ग्रामीणों की भूमि तो ले ली लेकिन अभी तक अपना वायदा पूरा नहीं किया है। प्रभावितों ने संपूर्ण पीपलकोटी क्षेत्र को परियोजना प्रभावित श्रेणी में रखने, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और पीपलकोटी में डीएवी स्कूल की स्थापना की मांग उठाई।
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सेमलडाला मैदान में बंड विकास संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। कहा गया कि अलकनंदा पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना का निर्माण कर रही टीएचडीसी कंपनी अब क्षेत्र में सुविधाएं देने में लापरवाही कर रही है। स्थानीय लोगों को समर्थन देने पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी ने कहा कि प्रभावितों को उनका हक दिलाया जाएगा। बैठक में कहा गया कि पूर्व में टीएचडीसी के अधिकारियों ने युवाओं को परियोजना में रोजगार देने पर सहमति जताई थी, लेकिन अब बाहर के युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है। पीपलकोटी में अंग्रेेजी माध्यम के मॉडल विद्यालय की स्थापना भी नहीं की गई है। संपूर्ण बंड क्षेत्र को प्रभावित की श्रेणी में रखने की मांग को भी दरकिनार कर दिया गया है। निर्णय लिया गया कि 10 अक्तूबर को टीएचडीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 25 अक्तूबर से परियोजना क्षेत्र में आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर कांग्रेस अनुसूचित जाति के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कुमार, बंड विकास संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, ज्येष्ठ प्रमुख अयोध्या हटवाल, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी, सुदर्शन शाह, हरीश पुरोहित, गजेंद्र राणा, विहारी लाल बंडवाल, प्रदीप सिंह, मीना बिष्ट, पीतांबरी देवी, रामेश्वरी, दीप शाह, भुवन लाल आदि मौजूद थे। इधर, टीएचडीसी के अधिकारियों का कहना है कि योग्यता के आधार पर ही प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को परियोजना में रोजगार दिया जा रहा है। पीपलकोटी में विद्यालय खुलवाने के लिए बंड विकास संगठन को भूमि उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है।
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