गोपेश्वर। नौकरी और पेंशन की मांग के लिए एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्ला संगठन से जुड़े लोगों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा गया कि शीघ्र गुरिल्ला प्रशिक्षितों को सरकारी विभागों में स्थायी नौकरी दी जाए और जो गुरिल्ला अपनी उम्र सीमा पार कर चुके हैं उन्हें पेंशन की सुविधा दी जाए। उन्होंने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित सभा में संगठन के जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह ने कहा कि वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद सीमावर्ती गांवों के युवाओं को युद्ध का प्रशिक्षण दिया गया, जिन्हें गुरिल्ला का नाम दिया गया। कई प्रशिक्षित गुरिल्लाओं को एसएसबी में स्थायी नियुक्ति भी दी गई, लेकिन वर्ष 2002 में प्रशिक्षण देना बंद कर दिया गया। इससे हजारों गुरिल्ला नौकरी से वंचित रह गए। तब से प्रशिक्षित नौकरी और पेंशन की मांग के लिए आंदोलन करते आ रहे हैं। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष पुरुषोत्तम पुरोहित, प्रेम सिंह भंडारी, रुद्र सिंह, अवतार सिंह, हेमानंद, वीरेंद्र, रमेश लाल, मनवर, मातवर, धर्मा देवी, सुलोचना, कान्ती, सुनीता, दीपा, ज्ञान सिंह और भरत सिंह आदि मौजूद थे।
सरकारी पदों पर तैनाती की मांग
गैरसैंण। एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने मांगों के निराकरण के लिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। गुरिल्लाओं ने ज्ञापन में कहा कि 12 वर्षों से प्रशिक्षित स्वयं सेवक सरकारी विभागों में तैनाती की मांग कर रहे हैं, लेकिन मांग सुनी नहीं जा रही है। ज्ञापन में मनवीर सिंह नेगी, केदारू लाल, पुष्पा देवी, कमला देवी और सुरमा देवी आदि के हस्ताक्षर हैं।