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आर्थिक आधार पर हो आरक्षण की व्यवस्था

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गोपेश्वर। जातिगत को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था करने सहित पांच सूत्री मांगों के लिए उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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दल के जिलाध्यक्ष अब्बल सिंह के नेतृत्व में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के युवाओं को निजी संस्थानों में शैक्षिक योग्यता के आधार पर 70 फीसदी रोजगार की व्यवस्था करने, राज्य की राजधानी गैरसैंण घोषित करने, आपदाओं से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और पलायन को रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जन सुविधाएं बढ़ाने की मांग की। इस मौके पर मुख्य प्रवक्ता सतीश सेमवाल, सत्यप्रकाश सती, ब्लॉक अध्यक्ष पूनम बर्तवाल, बच्चीराम, गोविंद सिंह नेगी, महिपाल सिंह, भगत सिंह और केदार सिंह आदि मौजूद थे।

एससी-एसटी संशोधित एक्ट के विरोध में भेजा ज्ञापन
कीर्तिनगर। उक्रांद और छात्र संगठन यूएसएफ ने केंद्र सरकार की ओर से संशोधित एससी/एसटी एक्ट के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। एसडीएम के माध्यम के छह सूत्री ज्ञापन भेज दल ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार हिटलरशाही रवैया अपना रही है।
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बुधवार को यूएसएफ के गढ़वाल मंडल प्रभारी गणेश भट्ट, प्रधान संगठन कीर्तिनगर के ब्लॉक अध्यक्ष रामेश्वर लखेड़ा, जवाहर सिंह पंवार, विकास दुमागा, जगमोहन रावत, गुुरुदेव रतूड़ी व मकान सिंह रावत सहित अन्य ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उन्होंने एससी/एसटी संशोधित एक्ट को निरस्त करने, उत्तराखंड को ओबीसी राज्य घोषित करने, उत्तराखंड में स्थित सरकारी व प्राइवेट संस्थानों में 70 फीसदी रोजगार, कर्ज में दबे किसानों का कर्ज माफ करने, बेरोजगारी भत्ता और गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग की।
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