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20 अक्तूबर से पहले खाली करना होगा लाटातोली तोक

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देवाल। झलिया गांव के 12 आपदा प्रभावित परिवारों को 20 अक्तूबर तक लाटातोली तोक को खाली करना होगा। जिला प्रशासन के अनुसार झलिया के प्रभावितों का लाटातोली तोक में अस्थायी विस्थापन (आपदा काल तक) किया गया था। 15 सितंबर को आपदाकाल खत्म होने के बाद अब प्रभावितों को अन्यत्र सुरक्षित जगह तलाशनी होगी। झलिया के ग्रामीणों के साथ पिंडर घाटी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने जिले के प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत से मुुलाकात कर अभी विस्थापन पर रोक रोक लगाने की मांग की।
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झलिया गांव के पास की पहाड़ी से लगातार भूस्खलन होने से यहां 12 परिवार प्रभावित हो गए थे। प्रशासन ने आपदा प्रभावित ग्रामीणों को ग्वालदम के पास लाटातोली तोक में अस्थायी रूप से विस्थापित किया। यहां दो माह से प्रभावित टेंट लगाकर रह रहे हैं। अब प्रशासन ने आपदा प्रभावितों को लाटातोली तोक खाली करने के लिए कह दिया है। पिंडारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दर्शन दानू ने इस संबंध में प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रभावितों को लाटातोली से नहीं हटाने की मांग की है। दर्शन दानू ने कहा कि डीएम के आदेश से लोग परेशान है। प्रभावितों के लिए स्थायी व्यवस्था होने तक लाटातोली तोक में ही रहने दिया जाए। डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि झलिया गांव के सभी विस्थापितों को 1 लाख 19 हजार की धनराशि दी जा चुकी है। साथ ही एक लाख अभी सीएम विवेकाधीन कोष से दिया जाना है, जिससे ग्रामीण निजी भूमि खरीद सकते हैं। आपदा नियमानुसार सवा चार लाख रुपये मकान बनाने के लिए देने का प्रावधान है। हालांकि वन भूमि लाटातोली तोक को हस्तांतरित करने के लिए भी प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
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