गौचर। 14 नवंबर से होने वाले औद्योगिक एवं सांस्कृतिक विकास मेले की तैयारियों को लेकर पहली बैठक हुई। बैठक में मेलाध्यक्ष डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि मेले को बहुआयामी बनाने के लिए मेले में राष्ट्रीय, राजकीय और जिलास्तरीय सांस्कृतिक, खेल एवं अन्य कार्यक्रम होंगे, ताकि राज्य से बाहर के लोग भी इस मेले को देखने आएं और मेले से अच्छा संदेश लेकर जाएं। यहां के खानपान और रहन-सहन से बाहरी लोगों को परिचित कराने के लिए पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉल लगाकर फूड फेस्टिवल आयोजित करने का भी सुझाव रखा गया।
नगर पालिका सभागार में आयोजित बैठक में मेलाधिकारी एसडीएम कर्णप्रयाग जीआर बिनवाल ने कहा कि गत वर्ष मेले से 42 लाख 81 हजार पांच सौ रुपये की आय हुई थी। मेले में मुख्य अतिथियों को लेकर आपसी गतिरोध को देखते हुए डीएम ने कहा कि सात दिनों तक चलने वाले मेले में प्रत्येक दिन के कार्यक्रमों में बतौर अतिथि मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, नेता प्रतिपक्ष, पूर्व सीएम आदि को बुलाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। जनप्रतिनिधियों ने मेला शुभारंभ के लिए सीएम और समापन के लिए पूर्व सीएम, नेता प्रतिपक्ष आदि तथा 19 नवंबर को होने वाले महिला सशक्तीकरण दिवस पर राज्यपाल को आमंत्रित करने की मांग की। बैठक में यातायात, पेयजल, स्वास्थ्य सुरक्षा, खाद्यान्न आदि पर चर्चा के बाद जनप्रतिनिधियों ने खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने, मेले में स्वास्थ्य शिविर, पेंशन और आधार कार्ड के शिविर लगाने, कार्यक्रमों में राइफल शूटिंग को शामिल करने, सीसीटीवी कैमरे लगाकर पुलिस गश्त बढ़ाने तथा स्मारिका प्रकाशन आदि के सुझाव दिए। बैठक में सीडीओ हंसादत्त पांडे, एडीएम मोहन सिंह वर्नियां, सीएमओ तृप्ति बहुगुणा, विजय प्रसाद डिमरी, राजेंद्र सगोई, जयकृत बिष्ट, अनिल नेगी, गजेंद्र नयाल, रोशनी नेगी, इंदु पंवार और ताजवर कनवासी आदि मौजूद थे।