आदिबदरी/कर्णप्रयाग। मल्ला चांदपुर के टिफिन टॉप कहे जाने वाले ईश्वरीखाल (पज्याणा) में चल रहे पाती मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ग्रामीणों की ओर से छाबड़ी और कंडाली नृत्य की प्रस्तुति पर दर्शक भी झूमे। श्रद्धालुओं ने देवताओं को नए अनाज का भोग लगाया और देवी को शृंगार सामग्री भी भेंट की। अन्य क्षेत्रों में भी पाती मेलों की धूम रही।
ईश्वरीखाल में नौबती धुंयाल और भूमियाल देवता की पूजा के साथ शुरू हुए पाती मेले में ग्रामीण गाजे बाजे और देव निशाणों के साथ ईश्वरीखाल पहुंचे। यहां पज्याणा के निशानों के साथ स्यालकोट के देव निशाण भी शामिल हुए। इसके बाद यहां भराड़ी देवी की पूजा की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने देवताओं को ककड़ी के साथ ही नए अनाज का भोग लगाया और कंडाली और छाबड़ी नृत्य किया गया। इस दौरान आयोजन समिति के पुष्कर सिंह, ढमकर के प्रधान त्रिलोक भंडारी, पद्म विष्ट, गैंणा सिंह रावत, जगदीश रावत, सोहन खंडूड़ी, जगदीश खंडूड़ी, भोपाल बिष्ट, देवेंद्र पैलू, नरेंद्र चाकर आदि मौजूद थे। दूसरी ओर कर्णप्रयाग के ईड़ाबधाणी, रिठोली और सिलंगी में भी पाती मेलों की धूम रही। सिलंगी में ग्रामीणों ने देवी को छाबड़ी में शृंगार सामग्री, नया अनाज और आभूषण अर्पित किए। वहीं ईड़ाबधाणी और रिठोली में देव नृत्य का आयोजन किया गया। इस दौरान पीवी डिमरी, कलम सिंह गुसाईं, हुकुम सिंह, पुष्कर सिंह, संतोष आदि रिठोली में बचन सिंह नेगी, प्रबल और दीपेंद्र आदि मौजूद थे।
क्षेत्र की खुशहाली की कामना की
पाबौ। थलीसैंण ब्लॉक के मरखोला गांव में आयोजित मां नंदा देवी पाते मेले में भक्तों ने मां नंदा देवी को शृंगार सामग्री भेंटकर मनौतियां मांगीं। हवन यज्ञ कर लोगों ने क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
मरखोला गांव में 16 साल बाद नंदा देवी पाती मेले का आयोजन किया गया। पांच दिवसीय मेले के अंतिम दिन बड़ी संख्या में आए लोगों ने देवी को शृंगार सामग्री एवं नए अनाज का भोग लगाकर परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इससे पहले क्षेत्र पुरुष, महिलाओं और बच्चों ने रात्रि जागरण कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। मंगलवार दोपहर को नंदा देवी पाती मेले का आयोजन हुआ। विदाई के समय नंदा देवी और देवता के पश्वा अवतरित हुए और भक्तों को फल, फूल व प्रसाद देकर आशीर्वाद दिया। राठ क्षेत्र के चाकीसैण, मजरामहादेव, पैठाणी, चौरा, मैली, जाख, पल्ली, पैलार, सुनरगांव, तलगांव, किरसाल आदि गांवों से बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे। कार्यक्रम में नंदा देवी पाती मेला आयोजक उमेद सिंह नेगी ,सुलतान सिंह, मनवर सिंह नेगी और मगन सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
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जागरों से किया मां नंदा का आह्वान
पीपलकोटी। दो दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान के बाद मां नंदा के नंदोली मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान का समापन हो गया। मंगलवार को दूर-दराज के गांवों से भी भक्त मां नंदा की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। महिलाओं ने जागरों से मां नंदा का आह्वान किया। मां नंदा, भूमियाल और गेदाणू देवता ने अपने-अपने पश्वा पर अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया।
मंगलवार सुबह सात बजे से ही नंदोली मंदिर में धार्मिक पूजा संपन्न हो गई। पंडित शंभू प्रसाद सती ने मां नंदा का शृंगार कर मंत्रों से प्रतिमा पर शक्ति चढ़ाई। करीब एक घंटे तक मां नंदा का आह्वान किया गया। इसके बाद ढोल-दमांऊ की थाप पर मां नंदा, भूमियाल और गेदाणू देवता ने पश्वा पर अवतरित होकर नृत्य किया। मंदिर समिति के सचिव एसपी सती ने कहा कि आगामी वर्ष नंदोली मंदिर में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को नंदा मेले का स्वरूप दिया जाएगा। इस मौके पर राधाकृष्ण वैष्णव, रुद्र सिंह, दया राम, पूरन सिंह, विजय मलासी, अतुल शाह, गजेंद्र राणा, गणेश पुरोहित, हरेंद्र झिंक्वाण, जानकी मिश्रा, प्रकाश नेगी और रणजीत सिंह आदि मौजूद थे।
उलंग्रा गांव पहुंची नंदा देवी की लोकजात यात्रा
देवाल। नंदा देवी लोकजात यात्रा मंगलवार को ल्वाणी गांव से रात्रि प्रवास के लिए उलंग्रा गांव पहुंची। ल्वाणी गांव में ब्रह्ममुहूर्त में आचार्यों और श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ नंदा देवी की पूजा की। ध्याणियों और ग्रामीणों ने मां नंदा को रोंट, आरसे, वस्त्र और आभूषण अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंगलवार दोपहर को ग्रामीणों ने लोकजात यात्रा को बमणबेरा गांव की सीमा तक पहुंचाया। यहां कुनियाल ब्राह्मणों ने देवी की दुर्गा शप्तसती मंत्रों से पूजा की। इसके बाद ग्रामीणों ने मां नंदा को उलंग्रा गांव की सीमा तक पहुंचाया। जहां पर उलंग्रा गांव के ग्रामीणों ने वाद्य यंत्रों के साथ देवी का भव्य स्वागत किया। बुधवार को नंदा देवी लोकजात यात्रा उलंग्रा से रात्रि प्रवास के लिए बेराधार गांव जाएगी। इस मौके पर पूर्व प्रमुख डीडी कुनियाल, ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह फर्स्वाण, सुरेश कुनियाल, केशर सिंह, हरी दत्त, उमेेश चंद्र, रमेश चंद्र, नंदी कुनियाल, मंजु कुनियाल और बिमला देवी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।