ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। सरकारी भूमि से अवैध कब्जों को हटाने के लिए हाईकोर्ट के आदेश को भी जिम्मेदार अफसर गंभीरता से नहीं ले रहे। पैमाइश करने में जुटे अधिकारियों ने सड़क किनारे हुए कब्जों के मामले में 4000 से अधिक अतिक्रमणकारियों को नोटिस तो जारी कर दिए हैं, लेकिन चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड (बीटीसी) में जमे करीब ढाई सौ अवैध कब्जों पर अब तक अधिकारियों की नजर नहीं नहीं गई। अब तक कैंपस में एक भी अतिक्रमणकारी को नोटिस जारी नहीं किया है।
करीब 12 करोड़ की लागत से बने चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में कब्जा करने वाले अतिक्रमणकारियों को छोड़ने पर प्रशासन और नगर निगम की भूमिका सवालों के घेरे में है। सूत्रों की मानें तो यहां पर अधिकतर कब्जे राजनीतिक शह पर हुए हैं। यही कारण है कि अपर आयुक्त के आदेशों के बावजूद भी यहां पर कब्जे नहीं हटाए जा सके। अब हाईकोर्ट के आदेश मिलने के बाद भी अधिकारियों टाल मटोल की रणनीति बनाने में जुटे हैं।
सरकारें आई और गई लेकिन नहीं हटे कब्जे
चारधाम यात्रियों को एक ही स्थान पर यातायात से लेकर अन्य तमाम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिहाज से पर्यटन विभाग ने वन विभाग से बीटीसी के निर्माण के लिए जमीन ली। इसमें केंद्र सरकार की हरिद्वार-ऋषिकेश-मुनिकीरेती-स्वर्गाश्रम पर्यटन सर्किट योजना के अंतर्गत करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से चारधाम बस ट्रांजिट कंपाउंड स्थापित किया गया। उक्त भूमि पर दशकों से हुए कब्जों को नहीं हटाया गया। करोड़ों की योजना के निर्माण के बाद उन्हें फिर से कैंपस में अतिक्रमण की छूट दे दी गई, जिससे कैंपस अतिक्रमण के चलते अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया है। लगभग 700 बसों की क्षमता के बावजूद बस ट्रांजिट कंपाउंड में 400 बसों को खड़े करने की जगह नहीं है।
जिम्मेदारी से भाग रहा नगर निगम
नगर निगम बस ट्रांजिट कंपाउंड से हर साल करीब ढाई करोड़ रुपये वसूलता है। इसमें करीब 2 करोड़ रुपये दुकानों की नीलामी जबकि 50 करोड़ रुपये पार्किंग से वसूला जा रहा है। लेकिन जब कार्रवाई की बात आती है तो नगर निगम गेंद वन विभाग के पाले में डाल देता है। निगम के सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी का कहना है कि नगर निगम पर बीटीसी की देखरेख का जिम्मा है। उक्त लैंड वन विभाग और पर्यटन विभाग से जुड़ी है। लिहाजा, इसमें नोटिस की कार्रवाई उन्हीं के माध्यम से की जानी है। निगम ने कैंपस के भीतर किसी भी अतिक्रमणकारी को नोटिस नहीं दिया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए जाने की कार्रवाई लगातार जारी है। इसकी हर दो दिन बाद समीक्षा भी की जा रही है। मंगलवार को फिर समीक्षा बैठक है, जिसमें संबंधित अधिकारियों से इस बाबत जवाब-तलब किया जाएगा। जानकारी जुटाकर अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए जाने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
- हर गिरि एसडीएम, ऋषिकेश