ब्यूरो/अमर उजाला, श्यामपुर। नवचेतना विद्या मंदिर समिति, नीम करौली नगर की ओर से नव चेतना विद्यालय में आयोजित लोकभाषा गढ़वाली कवि सम्मेलन में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर कविता पाठ कर काव्य रसिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी ने कहा कि हमें अपनी भाषा व बोली के संवर्धन को लेकर एकजुट होना चाहिए। कवि सम्मेलन में वरिष्ठ साहित्यकार मदन मोहन डुकलाण ने एंस्वा साल मि द्वि दां दार्जिलिंग गौं रचना के जरिए पहाड़ से बढ़ते पलायन का दर्द बयां किया। कवयित्री नीता कुकरेती ने वा नी छ केवल घस्यारी ब्वै बि छ अपणा बच्चों की...रचना पेश कर ग्रामीण परिवेश की याद ताजा कर दी।
कवि धनेश कोठारी ने बोली छौं मैं भाषा छौं अपणि ब्वै की वाणी छौं...रचना प्रस्तुत की। इस दौरान हास्य कवि नरेंद्र रयाल, सत्येंद्र चौहान, राकेश मोहन ध्यानी, तेजा नेगी आदि ने रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। इस मौके पर भाजपा नेत्री कुसुम कंडवाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जय सिंह रावत, शिक्षाविद् रतन सिंह पंवार, पूर्व बीडीसी मेंबर विपिन पंत, विद्यालय की संस्थापक सदस्य लक्ष्मी नवानी, प्रधानाध्यापक नीलम नवानी, आशा रौथाण, सुंदरी कंडवाल, शीलू पंत, समाजसेवी कुसुम जोशी, विनय बौड़ाई, वीरेंद्र नौटियाल, सुग्रीव द्विवेदी, प्रमोद शर्मा आदि मौजूद थे।