गोपेश्वर। आगामी 21 सितंबर को भगवान बदरीनाथ देश के अंतिम गांव माणा में स्थित अपनी माता मूर्ति से मिलने जाएंगे। इस दिन करीब छह घंटे तक बदरीनाथ के कपाट बंद रहेंगे। भगवान बदरीनाथ के लिए दोपहर में लगने वाला भोग भी माता मूर्ति मंदिर में लगाया जाएगा। वहीं, सोमवार को बदरीनाथ के समीप बामणी गांव में नंदा अष्टमी मेला भी धूमधाम से मनाया जाएगा।
प्रतिवर्ष बामन द्वादशी को भगवान बदरीनाथ माणा गांव में स्थित अपनी माता मूर्ति से मिलने के लिए उनके मंदिर में जाते हैं। बदरीनाथ जी के प्रतिनिधि के रूप में उद्धव जी उत्सव डोली में विराजमान होकर माता मूर्ति मंदिर में पहुंचते हैं। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि 21 सितंबर को सुबह नौ बजे भगवान बदरीनाथ अपनी माता मूर्ति के मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। दिनभर माता मूर्ति मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद शाम तीन बजे बदरीनाथ पुन: अपने मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। छह घंटे तक बदरीनाथ धाम के कपाट बंद रहेंगे।
माता मूर्ति उत्सव में देश के अंतिम गांव माणा के साथ ही समीपवर्ती गांवों के ग्रामीण भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। माता मूर्ति उत्सव के दौरान आईटीबीपी और गढ़वाल स्काउट की ओर से तीर्थयात्रियों के लिए निशुल्क भंडारे का आयोजन किया जाएगा। माता मूर्ति मंदिर में कीर्तन-भजन का आयोजन भी होगा। माणा गांव की महिलाओं के द्वारा माता मूर्ति मंदिर में हरियाली अर्पित की जाती है। मीडिया प्रभारी ने बताया कि 17 सितंबर को बदरीनाथ में नंदा अष्टमी पर्व भी धूमधाम से मनाया जाएगा।