देवाल। ल्वाणी-पिलखड़ा में आयोजित दो दिवसीय 13वें राज राजेश्वरी संस्कृति संरक्षण मेले में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक दर्शन फर्स्वाण, शैलजा कला मंच पौड़ी, शिक्षण संस्थाओं, महिला मंगल दलों और लोक गायकों ने शानदार प्रस्तुति दी। मेले के समापन पर मेला समिति ने लोक कलाकारों को पुरस्कृत किया।
नंदा लोक जात के स्वागत में हर वर्ष ल्वाणी-पिलखड़ा मंदिर के पास दो दिवसीय राजराजेश्वरी संस्कृति संरक्षण मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में मुख्य अतिथि क्षेत्र पंचायत प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने प्रदेश सरकार से क्षेत्र के धार्मिक मेलों को राज्य के प्रमुख मेलों में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से बुग्यालों में पर्यटकों के रात्रि प्रवास पर लगी रोक पर शिथिलता बरतते हुए वैकल्पिक रूटों के खोज की मांग की। इस दौरान ल्वाणी की महिलाओं ने जागर गायिका बसंती बिष्ट के जागर नंदा तेरी जात पेटण लगिगे..., लोक गायक दर्शन फर्स्वाण ने एक झलक दिख्याली जरा, कन होली मेरी मांजी..., जय भोले भंडारी... आदि प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर मेलाध्यक्ष महाबीर बिष्ट, मेला समिति सचिव हीरा राम, प्रधान महेशी देवी, ज्येष्ठ उप प्रमुख हरेंद्र कोटेड़ी, गंगा सिंह, विमला देवी, व्यापार संघ अध्यक्ष केडी मिश्रा, नरेंद्र बिष्ट, कपूर मिश्रा, इंद्र सिंह राणा, मान सिंह, हीरा रूपकुंडी, प्रदुमन सिंह, चंद्र मोहन मिश्रा, कमला देवी, गंगी देवी और नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।