ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया/चकराता/त्यूनी।
यूपीसीएल की लापरवाही जौनवार बावर क्षेत्र के लोगों पर भारी पड़ रही है। 33केवी की बिजली लाइन में फाल्ट आने से गुल हुई 250 से अधिक गांव की बिजली शुक्रवार को दूसरे दिन भी बहाल नहीं हो सकी। लोगों को अंधेरे में रात काटनी पड़ी। रोजमर्रा के काम निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, लाइट न होने से शुक्रवार को दूसरे दिन भी सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहे। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है।
बीते बृहस्पतिवार की शाम को क्षेत्र में तेज आंधी तूफान के दौरान अंबाड़ी के पास 33केवी की बिजली लाइन में फाल्ट आने से सावड़ा, साहिया और चकराता सब स्टेशन से जुड़े कोरूवा, कोटी, लांगापोखरी, किमोना, पुरोड़ी, लालकुर्ती, सप्लाई, आलू मंडी, भंगार, मोहना, क्वांसी, गोराघाटी, सावरा, जाड़ी, सुजऊ, कंधाड़, सिजला, कुन्ना, मंझगांव, समोग, सतोली, मयरावना, रावना, पाटी, बुरास्वा, जोगियो समेत 250 से अधिक गांव की बत्ती गुल हो गई थी जो शुक्रवार को दूसरे दिन भी बहाल नहीं हो सकी। लाइट न होने से बिजली के उपकरण शोपीस बने हुए हैं। लोगों को जोक्टी और लालटेन के सहारे रात रोशन करनी पड़ रही है।
स्थानीय नागरिक आनंद राणा, हरबंश कुकरेजा, तीर्थ कुकरेजा, पंकज जैन, मनमोहन चौहान, राहुल चांदना, केशर चौहान, अमित अरोरा आदि का कहना है क्षेत्र में बिजली लाइन का बुरा हाल है। हल्की सी हवा चलने पर ही लाइन में फाल्ट आ जाता है। जिसे ठीक करने में विभाग को कई दिन लग जाते हैं। क्षेत्र में एक माह में 10 दिन से अधिक बिजली आपूर्ति बहाल हुई है। यदि बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं आता तो लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं, त्यूनी तहसील क्षेत्र में चार दिन से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। उधर, इस संबंध में सहायक अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि बिजली लाइन में फाल्ट को ढूंढकर ठीक कराया जा रहा है। जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।