देवाल। बुग्यालों में पर्यटकों के रात्रि विश्राम पर लगी रोक के बाद ब्लाक के सभी बुुग्यालों में पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी गई है। स्थिति यह है कि सितंबर में पर्यटकों से गुलजार रहने वाले लोहाजंग में वीरानगी छाई है। पर्यटक नहीं आने से टैक्सी मालिक, घोड़े, खच्चर, पोर्टर, लॉज, होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो गया है। व्यापारियों को सात दिन मेें पांच लाख का नुकसान हो चुका है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए आली-वेदनी संघर्ष समिति की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने मुख्य पर्यटन स्थल रूपकुंड, वेदनी, बगुवावासा, आली आदि बुग्यालों में पर्यटकों के रात्रि विश्राम पर रोक लगा दी है। इस रोक के चलते वन विभाग ने पर्यटकों को बुग्यालों में आवाजाही के लिए अनुमति देना बंद कर दिया है। इसके चलते पर्यटन के क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों ने सितंबर माह के लिए हुई पर्यटकों की एडवांस बुकिंग रद्द कर दी है। इससे पर्यटक स्थलों के बेस कैंप लोहाजंग में सन्नाटा पसरा है। यहां हर साल दिल्ली, बंगलूरू और मुंबई आदि शहरों से 12 से अधिक ट्रैकिंग कंपनी पर्यटकों को पहुंचाती है। पर्यटकों के आवागमन से यहां टैक्सी, घोड़े, खच्चर, होटल मालिक, पोर्टर आदि लोगों को रोजगार मिलता था। होटल व्यवसायी इंद्र सिंह राणा, गाइड भुवन बिष्ट आदि का कहना है कि पर्यटन व्यवसाय से यहां सैकड़ों परिवारों की आर्थिकी चलती थी। बुग्यालों में पर्यटकों की रोक के कारण व्यवसाय को नुकसान हो रहा है। बांक की पुष्पा देवी का कहना है कि लोहाजंग में पर्यटक आने से होटल व्यवसायी स्थानीय कृषकों से सब्जी खरीदते थे, जो अब नहीं हो रहा है। डीएफओ बदरीनाथ एनएन पांडे का कहना है कि लोगों का स्वरोजगार चलता रहे इसका विकल्प खोजा जा रहा है। उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है। हो सकता है जल्द मामले में हल निकल आए।