जोशीमठ। भारत-चीन सीमा को यातायात से जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे चौथे दिन मंगलवार को भी वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खुल पाया। ऐसे में सीमा क्षेत्र में सेना और आईटीबीपी जावनों के साथ ही स्थानीय लोगों को हाईवे के दूसरे छोर पर पहुंचने के लिए दो किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ी।
भारी बारिश के दौरान शनिवार को सुबह नौ बजे जोशीमठ-मलारी हाईवे पर सलधार गांव के पास चट्टान का एक बड़ा हिस्सा टूटकर आ गिरा था। तब से यहां वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है। बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कड़ का कहना है कि मौसम खराब होने से हाईवे खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बीआरओ के अधिकारियों को मशीनें और मजदूरों की संख्या बढ़ाकर शीघ्र हाईवे खोलने के निर्देश दिए हैं। ब्यूरो