ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला-कांडी नेशनल हाईवे की इससे बदसूरत तस्वीर कहां देखने को मिल सकती है। हाईवे के गड्ढों पर जमा बरसात के पानी में भैंसें नहाती नजर आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इतना होने के बावजूद भी लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिवीजन आंखें बंद करके बैठा हुआ है। राजमार्ग पर जहां बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं इसी पैच में लोनिवि ने महज डेढ़ महीने पहले ही पैचवर्क कराया था। प्राचीन नीलकंठ धाम की यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण लक्ष्मणझूला-पीपलकोटी-कांडी हाईवे के कई पैच अत्यधिक खराब हो चुके हैं। बारिश के कारण लक्ष्मणझूला से पीपलकोटी और इसके बाद पीपलकोटी-नीलकंठ संपर्क मार्ग पर कई पैच पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। एनएच की सबसे खराब स्थिति लक्ष्मणझूला के समीप दोबाटा के आसपास, टूट पहाड़ के समीप बेरी गदेरा, गरुड़चट्टी के समीप पटना संपर्क मार्ग के आसपास, फूलचट्टी के समीप सुरंगी भेल व सफेद पानी गदेरा, रत्तापानी, घट्टूगाड़ दोबाटा, कालीकुंड, खैरखाल, पीपलकोटी, मौन व जुड्डा गांव के आसपास मार्ग के 50 से 100 मीटर तक के पैच पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। ऐसे में नीलकंठ धाम के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और यमकेश्वर, द्वारीखाल प्रखंड के करीब ढाई सौ गांवों के लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है।
इसके बावजूद लोनिवि दुगड्डा डिवीजन सैकड़ों गांवों व पौराणिक नीलकंठ धाम की यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण मार्ग की मरम्मत की ओर लापरवाह बना हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, स्वयंबर सिंह रावत, नरेंद्र सिंह राणा, भगत सिंह पयाल आदि का कहना है कि राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग विभिन्न प्रखंडों को जोड़ने वाले एकमात्र संपर्क मार्ग की देखरेख को लेकर लापरवाह बने हुए हैं, जिसके कारण लोगों को हररोज जोखिम उठाकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है।