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आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने किया एक्ट का विरोध

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । आयुर्वेदिक डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू किए जा रहे क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट का विरोध किया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रवि कौशल ने बताया की आयुष चिकित्सकों में 90 प्रतिशत के द्वारा एकल क्लीनिक चलाए जाते हैं, जिन पर यह एक्ट लागू नहीं होना चाहिए। उन्हें एक्ट से मुक्त रखा जाना चाहिए। एसोसिएशन के महासचिव डॉ. भास्कर आनंद ने बताया कि यह एक्ट सिर्फ नर्सिंग होम व वृहद स्तर पर चलाए जा रहे अस्पतालों पर ही लागू होना चाहिए।
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बताया की एक्ट में क्लीनिक के न्यूनतम क्षेत्रफल की बाध्यता, पर्याप्त पार्किंग, शौचालय, प्रशिक्षित स्टाफ व कर्मचारियों की बाध्यता, विकास प्राधिकरण से मानचित्र की स्वीकृति, अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने के कड़े प्रावधान किए गए हैं, जोकि छोटे क्लीनिकों पर संभव नहीं है। उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए शासन को उक्त एक्ट में संशोधन की आवश्यकता है। इस अवसर पर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. डीके श्रीवास्तव, आयुष मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जीएल अरोड़ा, डॉ. सीमा सक्सेना, डॉ. जेपी राठी, डॉ. एके शर्मा, डॉ. हर्ष शर्मा, डॉ. कपिल शर्मा, डॉ. पंकज वर्मा, डॉ. अरुण कुमार आदि मौजूद थे।
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