कर्णप्रयाग। बारिश से अभी तक पांच ब्लाकों में जलसंस्थान की 28 से अधिक पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। वहीं वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे पानी चलाना भी जलसंस्थान के लिए चुनौती साबित हो रहा है। जलसंस्थान के अधिकारियों के अनुसार अभी क्षतिग्रस्त योजनाओं का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
जलसंस्थान डिवीजन कर्णप्रयाग पर गैरसैंण, नारायणबगड़, थराली, देवाल और कर्णप्रयाग ब्लाक की पेयजल योजनाओं के रखरखाव का जिम्मा है, लेकिन बारिश ने इन पेयजल योजनाओं को बहुत नुकसान पहुंचाया है। स्थिति यह है कि थराली में प्राणमति में आए दिन पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो रही है तो देवाल में बारिश ने पेयजल लाइन बहा दी है। थराली और देवाल में पेयजल किल्लत बनी हुई है। गैरसैंण के सैंजी गांव की पेयजल योजना पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पानी चलाना भी विभाग के लिए सिरदर्द बना है। बारिश से अब तक नारायणबगड़ ब्लाक में 6, थराली में 5, देवाल में 5 कर्णप्रयाग में 11 और गैरसैंण में 1 पेयजल योजना आपदा की भेंट चढ़ गई है। इनकी मरम्मत के लिए करीब 63 लाख की दरकार है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार का कहना है कि सभी क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पानी चलाया जा रहा है। क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत के लिए इस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजे जा रहे हैं।