श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की संस्थागत नैतिकता समिति (इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी)/आईईसी ने 23 रिसर्च प्रपोजल (शोध प्रस्ताव) को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव देने वाले डॉक्टरों को तीन साल के अंदर शोध पूर्ण कर पत्रिकाओं में प्रकाशित करवाना होगा।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) की गाइडलाइन के अनुसार चिकित्सा शिक्षा संस्थान में आईईसी का गठन किया गया है। शुक्रवार को कमेटी के अध्यक्ष गढ़वाल विवि के इंजीनियरिंग संकाय डीन प्रो. एनएस पंवार की अध्यक्षता में समिति की बैठक आयोजित हुई। इस मौके पर संस्थान के डॉक्टरों ने अपने शोध प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में 23 प्रस्ताव आए, जिसमें रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर वैंकेट ऐरोनी ने सबसे अधिक नौ प्रस्ताव दिए। जबकि बाल रोग विभाग के सहायक प्रोफेसर वरुण तिवारी ने दो व राकेश कुमार ने चार, मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. कलम सिंह बुटोला ने दो व एसो. प्रो. लीना फरिमाल ने एक, फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. किग्सुंक लोहान ने तीन और रेडियोथेरेपी विभागाध्यक्ष प्रो. दौलत सिंह ने तीन शोध प्रस्ताव दिए। संस्थान के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि प्रस्तुतीकरण से संतुष्ट कमेटी सदस्यों ने सभी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। बैठक में कमेटी के सदस्य डा. बीएस भंडारी, प्रो. रविंद्र बिष्ट, एडवोकेट महेंद्र पाल सिंह रावत, डा. बीएस भंडारी व डा. अच्युत पांडे आदि मौजूद थे।