नारायणबगड़। बुधवार रात को हुई तेज बारिश से पंती-हसंकोटी निर्माणाधीन मोटर मार्ग का मलबा बिरमाल गांव के समीप खेतों से घरों के आंगन में जा घुसा। ग्रामीण भुवन मलेठा ने बताया कि सड़क के मलबे से ग्रामीणों के उपजाऊ खेत तबाह हो गए हैं जिससे गांव खतरे की जद में आ गया है। उन्होंने प्रशासन से क्षति का आंकलन कर ग्रामीणों को समुचित मुआवजा देने की मांग की। वहीं मानूर गांव के नीचे हो रहे भूस्खलन से गंगा सिंह राणा और राम सिंह नेगी के मकान खतरे की जद में हैं, जबकि बारिश से बुधवार रात को नारायणबगड़ के स्लाइड जोन में सड़क धंसने से कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग बंद हो गया था। बीआरओ ने कड़ी मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार सुबह सात बजे मार्ग खोल दिया।
हाईवे पर गिर रहे पत्थरों से लोगों में दहशत
कर्णप्रयाग/देवाल। बारिश से कर्णप्रयाग-नैनीताल हाइवे पर सुभाषनगर में सड़क के ऊपर से गिर रहे पत्थरों से लोगों में दहशत है। बुधवार रात को सुभाषनगर के ऊपरी हिस्से से भारी मात्रा में पत्थर गिरने से सड़क के किनारे खड़ी चार बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं। हरीश सती, सुधीर नेगी, अरविंद गुसाईं आदि ने शासन-प्रशासन से नगर के भूस्खलन जोन में सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की। वहीं देवाल में जीआईसी देवाल के नवनिर्मित मुख्य भवन के पीछे पेड़ टूटने और मलबा आने से भवन को खतरा बना है। पीटीए अध्यक्ष बलवंत राम आगरी ने शासन-प्रशासन से क्षति का आंकलन कर सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की।