ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। यमकेश्वर ब्लॉक के धमांद और कोठार ग्रामसभा में ग्रामीणों की निजी भूमि व सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से बनाई जा रही सड़क के विरोध में आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति कपरुवाण ने मंगलवार को अनशन तोड़ दिया। मंगलवार देर शाम उनकी मांग पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने सड़क निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए निर्माण स्थल से जेसीबी मशीन को हटा दिया है। इसके बाद मंगलवार को 12वें दिन अनशनकारी सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति का तहसीलदार ऋषिकेश ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
गौरतलब है कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड स्थित ग्रामसभा धमांद और कोठार में रसूखदारों के लिए स्थानीय लोगों की निजी भूमि व सरकारी भूमि पर जबरन सड़क निर्माण किया जा रहा है। जिसके विरोध में ग्रामीण आंदोलित हैं। आंदोलित ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक और जिला प्रशासन ने अवैध तरीके से बनाई जा रही सड़क का कार्य रोकने की मांग की थी। मगर इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं होने पर सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति कपरुवाण ने 12 दिन पूर्व बीती 17 अगस्त को नीलकंठ के झिलमिल गुफा क्षेत्र में आमरण अनशन शुरू कर दिया था। जिसके बाद स्वास्थ्य में गिरावट आने पर उन्हें पुलिस और प्रशासन की टीम ने बीती 23 अगस्त को जबरन उठाकर एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया था। वह बीते पांच दिनों से अस्पताल में भी आमरण अनशन जारी रखे हुए थे।
इस दौरान यूकेडी के केंद्रीय प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट, कांग्रेस नेता राजपाल खरोला, हिमांशु बिजल्वाण, रमेश उनियाल, नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष प्यारेलाल जुगलाण, डीएस गुसाईं, भूपेंद्र सिंह राणा, सीपी भट्ट, मोहित डोभाल, नवीन शर्मा, आशीष रतूड़ी, प्रकाश रणाकोटी, गौरव कपरुवाण, वेद मारवाड़ी आदि मौजूद थे।