कीर्तिनगर। जल विद्युत परियोजना प्रभावित का अनशन तुड़वाने पहुंचीं एसडीएम को बैरंग लौटना पड़ा। उन्होंने प्रभावितों की मांगों पर शासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन अनशन पर बैठी प्रभावित पुष्पा जोशी और अन्य आंदोलनकारियों ने उनकी किसी भी बात को सुनने से इनकार कर दिया।
16 सूत्री मांगों के लिए श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावितों का 1 अगस्त से आंदोलन चल रहा है। वहीं 15 अगस्त से आंदोलनकारी पुष्पा जोशी का आमरण अनशन जारी है। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट जारी है। 45 वर्षीय पुष्पा जोशी का वजन 41 किलों से घटकर 37 किलों आ गया है। शुरू में आंदोलनकारियों ने पावर हाउस परिसर में धरना दिया, लेकिन 18 अगस्त को पुलिस की ओर से हटाए जाने पर वह कीर्तिनगर तहसील मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान में धरने पर बैठ गए। मंगलवार को आंदोलनकारियों से वार्ता करने पहुंचीं एसडीएम वर्मा ने बताया कि ऊर्जा सचिव ने प्रभावितों की मांग पर जल्द ही कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। कहा कि जिलाधिकारी के आदेश पर जल्द ही प्रभावित परिवारों की एक बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने पुष्पा जोशी (45) से अनशन तोड़ने का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रशासन अपनी ओर से प्रभावितों की समस्याओं को हल करने का पूरा प्रयास कर रहा है, लेकिन अनशनकारी ने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों की मांगों को पूरा कर देगी, तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा। वहीं, डा. विनय शर्मा ने बताया कि अनशनकारी पुष्पा जोशी के वजन में सोमवार के मुकाबले एक किलोग्राम गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को मुकेश बर्त्वाल, लखपत रावत, वीरेंद्र लाल, आनंद, बबली देवी, अनिल, रघुवीर कोहली, श्याम सिंह व सरस्वती आदि शामिल थे।