ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। पौड़ी जिला प्रशासन विधायक की बात सुनने को तैयार नहीं है। यमकेश्वर ब्लॉक में सरकारी भूमि पर सड़क निर्माण के विवाद में नीलकंठ क्षेत्र स्थित झिलमिल गुफा के समीप खड़ी जेसीबी को अभी तक थाने नहीं लाया गया है। दो दिन पूर्व यमकेश्वर की क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूडी ने डीएम को पत्र लिखा था। बता दें कि यमकेश्वर ब्लॉक के ग्रामसभा कोठार और धमांद के बीच स्थानीय ग्रामीण सरकारी भूमि पर सड़क निर्माण का विरोध कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति कपरुवाण मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। उनकी मांग में जेसीबी को झिलमिल गुफा के समीप से हटाया जाना भी शामिल है।
यमकेश्वर विधायक ऋतु खंडूड़ी ने दो दिन पूर्व जिलाधिकारी पौड़ी को पत्र प्रेषित कर उनसे जेसीबी को गुफा के पास से हटाकर लक्ष्मणझूला थाने को कहा था। इसके साथ ही पुलिस भी विधायक की बात को लेकर कतई संजीदा नहीं दिख रही है। वर्तमान में जेसीबी उक्त स्थान पर ही खड़ी है।
अस्पताल में 10वें दिन भी अनशन जारी
यमकेश्वर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर सड़क निर्माण के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति कपरुवाण का आमरण अनशन एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में रविवार को 10वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक वह अनशन जारी रखेंगे। इस दौरान कोटद्वार के पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, प्रधान संगठन यमकेश्वर के अध्यक्ष दिनेश भट्ट, ग्रामसभा पंबा के प्रधान राजपाल सिंह राणा, यूकेडी के वरिष्ठ नेता शांति प्रसाद भट्ट, मनोज द्विवेदी, धनीराज बिंजोला, एनपी रतूड़ी, नवीन शर्मा, केपी भट्ट, शुभम राणा ने उनका हालचाल जाना।
सीएम और डीएम का पुतला फूंका
ऋषिकेश। नीलकंठ क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध तौर पर सड़क निर्माण के विरोध में अनशनरत क्रांति कपरुवाण के समर्थन में स्थानीय ग्रामीणों ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। जिला प्रशासन की अनदेखी से नाराज 75 वर्षीय सुमति देवी ने भी सोमवार तक मामले में कार्रवाई नहीं होने पर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने जेसीबी को नहीं हटाने पर आक्रोश जताते हुए मुख्यमंत्री, डीएम और एसडीएम का पुतला फूंका। उन्होंने राज्य सरकार और पौड़ी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। पुतला फूंकने वालों में बीडीसी सदस्य गुड्डी देवी, कुंती देवी, रेशमा, बीना देवी, संवाली, सरोजनी देवी, पुष्पा देवी, बलबीर सिंह, मदन सिंह, रमेश, जगमोहन सिंह आदि शामिल थे।