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एसिड अटैक मामले में पहले ट्रीटमेंट, फिर पुलिस कार्रवाई: अमित कुमार

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श्रीनगर। तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष सिविल जज अमित कुमार ने संयुक्त चिकित्सालय में एसिड हमले के पीड़ितों के लिए बनाए गए पैरा लीगल वालंटियर कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकारों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एसिड अटैक संबंधी मामला आने पर चिकित्सकों को सर्वप्रथम पीड़ित का मेडिकल ट्रीटमेंट करना होगा। पुलिस कार्रवाई ट्रीटमेंट के बाद होगी।
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राजकीय संयुक्त चिकित्सालय परिसर में एसिड एटैक पीड़ितों के लिए पैरा लीगल वालंटियर कार्यालय स्थापित किया गया है। कार्यालय में एसिड एटैक पीड़ितों का ब्यौरा रखे जाने के साथ ही उपचार में सहयोग तथा एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकारों की जानकारी दी जाती है। तालुका विधिक समिति के अध्यक्ष सिविल जज अमित कुमार ने संयुक्त चिकित्सालय स्थित पैरा लीगल वालंटियर कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि एसिड अटैक के पीड़ितों के लिए शासन की ओर से प्रतिकर का प्रावधान किया गया है, जो डेढ़ लाख रुपये तक हो सकता है। जज अमित कुमार ने बताया कि वालंटियर कार्यालय एसिड अटैक से पीड़ित को प्रतिकर प्रदान करने वाली योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। इसके लिए सरकारी अस्पतालों से संपर्क कर वहां इलाज के लिए आने वाले एसिड पीड़ितों की जानकारी लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उन्हें मिलने वाले प्रतिकर की सिफारिश की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर पीड़ितों को निशुल्क अधिवक्ता भी उपलब्ध कराए जाते हैं। इस दौरान सिविल जज अमित कुमार ने चिकित्सकों की बैठक भी ली। उन्होंने कहा कि सुप्रीम के निर्देशानुसार एसिड एटैक का मामला आने पर चिकित्सकों को सर्वप्रथम पीड़ित का मेडिकल ट्रीटमेंट करना होगा। उसके बाद ही पुलिस कार्रवाई शुरू होगी। संयुक्त चिकित्सालय के अधीक्षक डा. एसएस चौहान ने बताया कि वालंटियर कार्यालय गठन की अवधि से अब तक कोई एसिड अटैक का मामला नहीं आया है। बैठक में डा. लोकेश सलूजा, डा. मंजू राणा, डा. अजय गोयल, डा. एसपी ममगाईं, डा. प्रियंका नेगी, डा. निकिता मौर्य व सिस्टर बसुंधरा आदि मौजूद थे।
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