- मिशन फिट इंडिया के तहत हिमाचल और लद्दाख 13 दिन में फतेह की 6000 मीटर से भी ऊंची पांच चोटियां
- पांच सदस्य टीम का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज
शर्मानंद बिजल्वाण
विकासनगर। 13 दिन में 6000 मीटर से भी ऊंची पांच चोटियों को फतेह करने के बाद लाइन जीवनगढ़ निवासी सूबेदार राम बहादुर मल्ल और उनकी टीम का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। उनके इस अभियान में उत्तराखंड के ही चार अन्य सदस्य भी शामिल थे। इस रिकॉर्ड को बनाकर सूबेदार राम ने पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। इससे पूर्व भी सूबेदार राम माउंट एवरेस्ट, माउंट त्रिशूल समेत कई ऊंची चोटियों पर भी भारत का झंडा बुलंद कर चुके हैं।
गत एक जुलाई को सूबेदार राम अपने साथी मेजर रजनीश जोशी, मेजर अनुराग शाह, लेफ्टिनेंट कर्नल हेम चंद्रा और मनजीत सिंह के साथ मिशन फिट इंडिया के तहत हिमाचल और लद्दाख की 6000 मीटर से भी ऊंची पांच चोटियों पर फतेह के लिए निकले थे। 13 जुलाई को उनका यह अभियान पूरा हो गया। अब तक इतने कम समय में किसी ने भी पांच चोटियों को एक साथ फतेह नहीं किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीम को कड़ी चुनौतियों का सामना पड़ा था। सूबेदार राम ने बताया कि ऊंचाई की ओर बढ़ते हुए हवा में आक्सीजन की मात्रा कम होने लगी। इसके साथ ही जुलाई में बारिश भी उनके लिए एक चुनौती थी, लेकिन फिर भी उनकी टीम ने 13 दिन में लक्ष्य को हासिल कर लिया।
नहीं करती सरकार मदद
सूबेदार राम इससे पूर्व भी माउंट एवरेस्ट, माउंट त्रिशूल समेत कई ऊंची चोटियों पर भी भारत का झंडा बुलंद कर प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं। अब तक उनकी इन उपलब्धियों को सरकार से कोई प्रोत्साहन नहीं मिला है। उनका कहना है कि जहां प्रदेश के अन्य पर्वतारोहियों को जहां सरकार की ओर से सहायता दी जाती है। वहीं, उनको अब तक कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है। साल 2007 से वह पर्वतारोहण कर रहे हैं। हर बार वह अपने खर्चे पर ही पर्वतारोहण करते हैं। एक जुलाई को भी वह अपने खर्चे पर अन्य साथियों के साथ पांच चोटियों को फतेह करने के लिए निकले थे, लेकिन इस बार भी उनकी किसी ने कोई सुध नहीं ली। वर्तमान में सूबेदार राम केरल में 13 गढ़वाल राइफल में तैनात हैं। सूबेदार राम का कहना है कि वह कई बार सहायता के लिए शासन और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन कोई सहायता नहीं दी गई। इन दिनों सूबेदार राम भारत की तीसरे सबसे ऊंची चोटी माउंट कामेट की चढ़ाई की तैयारी कर रहे हैं। यह पर्वत चोटी भारत तिब्बत सीमा पर चमोली जिले में है।
सेना ने किया सम्मानित
विकासनगर। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कर उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाले सूबेदार राम बहादुर मल्ल को जहां अब तक प्रदेश सरकार की ओर से कोई सम्मान नहीं मिल सका है। वहीं, सेना सूबेदार को सफलता पूर्वक पर्वतारोहण के लिए वर्ष 2013 और 2017 में सीओएएस अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
ये हैं सूबेदार राम की उपलब्धियां
2005- माउंट त्रिशूल पर भारत का झंडा फहराया।
2006- माउंट माना पर भारत का झंडा फहराया।
2007- माउंट एवरेस्ट (चाइना साइड) पर भारत का झंडा बुलंद किया।
2013- माउंट एवरेस्ट (नेपाल साइड) पर भारत का झंडा बुलंद किया।
2018- 13 दिन में 6000 मीटर ऊंची पांच चोटियों को फतेह कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज
मुझे ऐसी किसी भी बात की जानकारी नहीं है। यदि क्षेत्र के किसी व्यक्ति ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है तो वह बड़े गर्व की बात है। जल्द ही मामले का संज्ञान ले सरकार की ओर से हर संभव मदद दिलाने की कोशिश की जाएगी।
- मुन्ना सिंह चौहान, विधायक, विकासनगर