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बाढ़ से बदहाल हुए गौहरीमाफी के संपर्क मार्ग

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ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला। बाढ़ की तबाही झेल चुके गौहरीमाफी के ग्रामीणों का जनजीवन सप्ताह भर बाद भी पटरी पर नहीं लौट सका है। ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या जगह जगह क्षतिग्रस्त व गायब हो चुके संपर्क मार्ग हैं। ग्रामीण संपर्क मार्गों की मरम्मत की बाट जोह रहे हैं। बीती चार अगस्त को सौंग नदी की सहायक जलधारा गौहरीमाफी गांव में घुस गई थी, जिसने करीब दो सप्ताह तक गांव में तबाही मचाई। प्रशासन के लगातार प्रयासों के बाद कच्चा तटबंध बनाकर जलधारा को बामुश्किल रोका गया। गांव का मुख्य मार्ग तिब्बतन होम से कुछ दूरी से पूरी तरह से गायब हो चुका है।
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क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों का जायजा लेने मंगलवार को लोक निर्माण विभाग की टीम गांव में पहुंची। टीम में सहायक अभियंता आरसी केलखुरा, अवर अभियंता लक्ष्मीकांत गुप्ता ने बाढ़ के बाद गांव में विभागीय सड़कों की स्थिति का जायजा लिया। सहायक अभियंता ने बताया कि दैवीय आपदा मद में गांव की सड़कों का इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जिसे शासन को भेजकर बजट की मांग की जाएगी। उधर, ग्राम प्रधान सरिता रतूड़ी ने बताया कि पिछले साल की आपदा में गांव में बिरला फार्म मार्ग का करीब 100 मीटर पैच बह गया था, मगर आज तक उक्त पैच नहीं बन पाया है।
हर बार विभाग इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजकर बजट का रोना रोने लगता है। उधर गांव में सौंग की जलधारा के समाप्त होने के सप्ताह भर बाद भी प्रशासन संपर्क मार्गों पर आवगमन सुचारु नहीं करवा पाया है। बाढ़ की भेंट चढ़ चुके तमाम संपर्क मार्गों के चलते गांव के दो सौ परिवारों को पांच से सात किलोमीटर लंबी दूसरी तय कर दूसरे मार्ग से घर पहुंचने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
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