ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती । यमकेश्वर ब्लॉक के धमांद और कोठार ग्रामसभा के बीच सरकारी भूमि पर निर्माणाधीन अवैध सड़क के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति कपरुवाण का आमरण अनशन मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर उन्होंने राज्य सरकार व पौड़ी जिला प्रशासन पर क्षेत्र में भूमाफियाओं को शह देने का आरोप लगाया। मंगलवार को पांचवें दिन प्रशासन की ओर से अनशनकारी क्रांति कपरुवाण के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पटवारी वैभव प्रताप के साथ चिकित्सकों की टीम अनशन स्थल पर भेजी गई। चिकित्सकों ने अनशनकारी का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
झिलमिल गुफा के समीप जंगल में स्थित धरना स्थल पर ग्रामीणों ने सभा आयोजित की। इस मौके पर दिउली महिला मंगल दल की अध्यक्ष सरोज पयाल ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई जा रही सड़क के विरोध में अनशन के पांचवें दिन भी सरकार व प्रशासन की ओर से अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामला संज्ञान में होने के बावजूद क्षेत्रीय विधायक की ओर से भी अभी तक इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर अनशन स्थल है, उसके आसपास घना जंगल होने से जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। आरोप है कि प्रशासन व पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों को जबरन उठाने का प्रयास तो किया जा रहा है, मगर उनकी सुरक्षा की चिंता किसी को नहीं है। उन्होंने चेताया कि जल्द ही प्रशासन की ओर से इस मामले में ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो ग्रामीण सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
इस दौरान यमकेश्वर ब्लॉक प्रमुख कृष्णा नेगी ने मौके पर पहुंचकर अनशनकारियों को समर्थन दिया। पांचवें दिन अनशनकारी के समर्थन में कोठार की क्षेत्र पंचायत सदस्य गुड्डी देवी, सुमति देवी, पूनम पयाल, गीता देवी, सरिता पयाल, सुमन देवी, सीता देवी, महिपाल पयाल, सीपी भट्ट, चंद्रमोहन सिंह नेगी, मदन सिंह पयाल, भूपेंद्र राणा, वेद मारवाड़ी, दरबान सिंह, दीवान सिंह, अरविंद हर्षवाल, महावीर सिंह, डबल सिंह, आशीष, जगमोहन सिंह, हरि सिंह नेगी, ध्यानपाल बिष्ट, बचन सिंह आदि सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।