ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । देवभूमि जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष संजय पोखरियाल ने गौहरीमाफी क्षेत्र में बरसात के दौरान बाढ़ से हुई तबाही के लिए क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते विधानसभा अध्यक्ष ने क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के इंतजाम किए होते तो कुछ ग्रामीण बेघर नहीं होते और उनके खेत खलिहान, मकान व दुकानें तबाह नहीं होती।
पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मोर्चा के अध्यक्ष संजय पोखरियाल ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल की अनदेखी के चलते इस साल भी गौहरीमाफी के ग्रामीणों को बाढ़ से भारी नुकसान उठाना पड़ा। आरोप लगाया कि बाढ़ आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष अपने परिवार के साथ जम्मू कश्मीर की वादियों में भ्रमण पर निकल गए और वापस आने के बाद बाढ़ प्रभावितों के बीच नहीं जाकर व्यक्ति विशेष की दावत और जन्मदिन पार्टी का आनंद उठाते रहे।
पोखरियाल का आरोप है कि विधानसभा अध्यक्ष ने अपने चहेतों के साथ सौंग नदी की बाढ़ का फोटो सोशल मीडिया पर डाला और जब उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो उन्हें धमकाने का प्रयास किया गया। उन्होंने भाजपा के एक पदाधिकारी पर लाठी, डंडों से घातक हमला करने का भी आरोप लगाया है। कहा कि जब उक्त लोगों के विरुद्ध थाना रायवाला में तहरीर दी गई तो पुलिस ने तहरीर लेने से ही मना कर दिया। इससे स्पष्ट है कि विधानसभा अध्यक्ष ने पुलिस को अपने प्रभाव में लेकर ऐसा करने को बाध्य किया गया। इस दौरान उनके साथ देवराज नेगी, रामवीर बगियाल, मदनमोहन उनियाल, शूरवीर पंवार, सतीश रावत, भूपेंद्र कंडारी आदि मौजूद थे।
कोट्स
संजय पोखरियाल ने जो आरोप लगाए हैं, वह निराधार हैं। बाढ़ के दौरान क्षेत्र पर पूरी नजर रखी हुई थी, शासन प्रशासन स्तर पर अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा था। बाढ़ पीढ़ितों के रहने खाने की व्यवस्था की गई। यहां तक कि सहायता राशि भी वितरित की गई है। जो लोग आरोप प्रत्यारोप लगाते हैं वह हमेशा विकास कार्यों में बाधा डालने का काम करते हैं।
प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष।