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माह में दो बार करें विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण

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गोपेश्वर। डीएम ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत जिले में संचालित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएम से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों को माह में दो बार विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के निर्देश दिए।
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कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किसी भी बच्चे को गंभीर बीमारी होने पर नि:शुल्क इलाज की सुविधा है, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने फील्ड स्टाफ के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला को ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में 8 से कक्षा 12 तक की कक्षाओं में पढ़ने वाली सभी छात्राओं की सूची उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रत्येक माह की पांच तारीख को लगने वाले वजन एवं पोषण दिवस को उत्सव के रूप में मनाने, गांवों के भ्रमण के दौरान आशाओं को बेसिक दवाइयां अपने साथ रखने को कहा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि जो आशाएं कार्य नहीं कर रही हैं या कार्य करने में सक्षम नहीं हैं उनको तत्काल हटा दिया जाए। उनके स्थान पर दूसरी आशा कार्यकत्री की नियुक्ति की जाए। जिला कार्यक्रम प्रबंधक दीपक खंडूड़ी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लक्ष्य एवं उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है। जिले में शिशु मृत्यु दर एक हजार पर 27 फीसदी है, जबकि मातृ मृत्यु दर एक लाख पर 158 फीसदी है।
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