फब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश/मुनिकीरेती। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर विभिन्न संगठनों, संस्थाओं ने सभाएं आयोजित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया और पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। एम्स ऋषिकेश में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संस्थान के निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के सच्चे सिपाही थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए वाजपेयी ने देश को नई बुलंदियों तक पहुंचाया।
उन्होंने अटल के निधन को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि इसके साथ ही एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। इस मौके पर एम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रोफेसर डॉ. मुकेश त्रिपाठी, प्रोफेसर ब्रिजेंद्र सिंह, प्रोफेसर एसके अग्रवाल, डॉ. एसके पांडे, जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल आदि मौजूद थे। उधर, गंगा तीर्थ रक्षा विश्व शांति सद्भावना समिति की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के निधन पर आयोजित शोक सभा में लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
शनिवार को दून रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में प्रख्यात कथावाचक डॉ. दुर्गेशाचार्य के सानिध्य में शोक सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर समिति से जुड़े सदस्यों ने उन्हें दिवंगत वाजपेयी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। समिति के अध्यक्ष भरतमणि कुलियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी ने उत्तराखंड पर भी अटल छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि अटल आज हमारे बीच नहीं है मगर उत्तराखंड वासियों के दिलों में वह हमेशा अमर रहेंगे। इस दौरान समिति ने पर्वतीय गांधी स्व. इंद्रमणि बडोनी को भी 20 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर राम सिंह नेगी, हरिकृष्ण भट्ट, बीआर अग्रवाल, हर्षमणि उनियाल, जगत सिंह रावत, स्वरूप सिंह खरोला, बिरोजनी भट्ट, सरला नेगी, शारदा कुड़ियाल, कविता भंडारी, सरिता व्यास, सुशीला कुड़ियाल, सोबती रावत, गुड्डी नेगी आदि मौजूद थे।
उधर, मुनिकीरेती संवाददाता के अनुसार संस्कृत छात्र सेवा समिति ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। मुनिकीरेती स्थित ओमकारानंद पुस्तकालय भवन में आयोजित सभा में समिति के पूर्व अध्यक्ष जनार्दन कैरवान ने कहा कि अटल संस्कृत के प्रखर विद्वान थे। उनका अटल व्यवहार आम जनमानस के दिलों में हमेशा बना रहेगा। इस अवसर पर सुशील नौटियाल, मनोज शर्मा, पुरुषोत्तम कोठारी, कैलाश व्यास, सुरेश पंत, आशीष सेमवाल, अंकित, अभिषेक, गौरव आदि मौजूद थे।