कर्णप्रयाग। समूचे गढ़वाल में विकास की भूख तेज हो रही है। गोमती प्रयाग जनकल्याण परिषद का शिक्षा अभियान इसी का एक संकेत हैं। परिषद के प्रयत्न सफल हों और विद्यालय को नया भवन शीघ्र बने यह मेरी कामना है। यह बात पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 1985 में गोमती प्रयाग जनकल्याण परिषद के विजिटिंग रजिस्टर में लिखी थीं, जब वह संस्था के सचिव ची. माधवा के निवेदन पर संस्था कार्यालय में पहुंचे थे।
संस्था के सचिव एसी बहुगुणा बताते हैं कि 9 नवंबर 1985 को अटल बिहारी वाजपेयी ने क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी तारा चंद्र डिमरी सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संस्था कार्यालय का विजिट किया था। तब उन्होंने यहां के विजिटिंग रजिस्टर में अपने विचार लिखे थे। संस्था के संस्थापकों में से एक रहे भुवन नौटियाल ने बताया कि वर्ष 1982 में भकुंडा में गोमती प्रयाग जनकल्याण परिषद की स्थापना की गई थी। संस्था ने तब पहाड़ में शिक्षा का अभाव देखकर यहां बालबाड़ियां और स्कूलों का शुभारंभ किया था। साथ ही महिला कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाने की पहल की थी। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और व्यापारी रहे स्व. अंबिका दत्त डिमरी, संस्था के सचिव ची. माधवा, उमराव सिंह नेगी आदि ने वाजपेयी का स्वागत किया था।