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प्रदीप तेरा ये बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान... अमर रहे

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
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जम्मू- कश्मीर के उड़ी सेक्टर में बीते रविवार को शहीद हुए उत्तराखंड के लाल लांस नायक प्रदीप सिंह रावत को सैन्य सम्मान के साथ मंगलवार को मुनिकीरेती स्थित श्मशानघाट पर अंतिम विदाई दी गई। तीर्थनगरी में हजारों की संख्या में लोगों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर शहीद को नम आंखों से विदा किया। प्रदीप तेरा यह बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान... के गर्जन भरे नारों के साथ स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों ही नहीं बल्कि महिलाओं ने भी अंतिम यात्रा में शामिल होकर अमर बलिदानी को अंतिम विदाई दी।
मंगलवार सुबह नौ बजे शहीद प्रदीप सिंह रावत के घर तीर्थनगरी के गंगानगर क्षेत्र से अंतिम यात्रा शुरू हुई। उनके घर के बाहर हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज के छात्रों ने शहर से गंगानगर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के दोनों ओर लाइनों में खड़े होकर शहीद प्रदीप सिंह रावत को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्कूल के करीब 1200 छात्रों ने हाथों में फूल लेकर अंतिम यात्रा में शामिल होकर सैन्य वाहन पर पुष्पवर्षा की। इस दौरान मेजर गोविंद सिंह रावत की अगुवाई में स्कूल के एनसीसी से जुड़े कैडेट्स ने शहीद को सलामी दी।
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हरिद्वार रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय व पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज के छात्रों ने सैन्य वाहन पर फूल बरसाए और शहीद प्रदीप रावत अमर रहे के नारे लगाए। अंतिम यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कारवां भी बढ़ता चला गया। इस दौरान हजारों लोग शहीद के पार्थिव शरीर रखे सैन्य वाहन के पीछे-पीछे भारत माता की जय के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। वहीं चौक-चौराहों व बाजारों में विभिन्न संगठनों ने शहीद के सम्मान में पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गंगानगर से पुरानी चुंगी, घाट चौक, देहरादून रोड तिराहा, कैलासगेट होते हुए अंतिम यात्रा मुनिकीरेती में कुंभ मेला मैदान के समीप श्मशान घाट पहुंची। इस दौरान खदरी खड़कमाफ के प्रधान सरोप सिंह पुंडीर, गढ़ी के प्रधान सतीश रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य गुमानीवाला किशोरी पैन्यूली, उपप्रधान खदरी सड़कमाफ टेक सिंह राणा, सामाजिक कार्यकर्ता मानवेंद्र कंडारी, पूर्व क्षेत्र पंचायत राजेश व्यास, ज्योति सजवाण, महावीर उपाध्याय, कुसुम कंडवाल,आशा रौथाण, सुंदरी कंडवाल, उषा रावत, कैलास रयाल आदि मौजूद रहे।

परिचर्चा
आरपार की लड़ाई लड़े सरकार
हमारे जवान सीमा की रक्षा करते हुए शहीद हो रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हम सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ आरपार की लड़ाई की मांग करते हैं।
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- महावीर उपाध्याय, समाजसेवी खदरी श्यामपुर

पाकिस्तान को सबक सिखाए
आखिर कब तक यूं ही सीमा पर जवान शहीद होते रहेंगे। सरकार कुछ नहीं कर रही है। सेना को छूट दी जाए और पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए।
- संजीव कुमार, स्थानीय निवासी इंदिरानगर

शहीद प्रदीप सिंह रावत पर हमें गर्व है। लेकिन अब वक्त आ गया है, कि पाकिस्तान के साथ आर-पार की लड़ाई की जाए।
- जसविंदर सिंह, स्थानीय व्यापारी

आखिर सेना के हाथ केंद्र सरकार ने क्यों बांध रखे हैं। पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब हो गया है। यह मोदी सरकार केवल बातों की है, शीघ्र कार्रवाई हो और पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए।
- सचिन अग्रवाल, स्थानीय निवासी
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