पांच मकान ढहे और दर्जनभर घरों की चारदीवारी क्षतिग्रस्त
गौहरीमाफी में घुसी सौंग नदी हुई रौद्र, बाढ़ ने मचाई तबाही
ब्यूरो/अमर उजाला/ब्यूरो।
रायवाला। गौहरीमाफी गांव के बीच से बह रही सौंग नदी ने रविवार रात हुई बारिश के बाद रौद्र रूप धारण कर लिया। बीती रात हुई लगातार बारिश से पांच मकान ढह गए और करीब दर्जनभर घरों की चारदीवारी जमींदोज हो गई। नदी में बढ़े जलस्तर ने गांव के करीब 90 प्रतिशत क्षेत्र को जद में ले लिया है। वहीं रातभर बारिश के कारण डरे सहमे लोगों ने जागकर रात गुजारी। गनीमत रही कि रविवार सुबह बरसात थमने के साथ ही नदी के जलस्तर में थोड़ी गिरावट आ गई। इसके बाद प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली। हालांकि नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण राफ्ट सुविधा नहीं चालू की जा सकी।
गौहरीमाफी गांव में बीते 12 दिनों से सौंग नदी की बाढ़ से घिरा हुआ है। नदी की जलधारा मोड़ने में जुटे सिंचाई विभाग को कोई खास सफलता अबतक नहीं मिल पाई है। वहीं रविवार रात हुई झमाझम बरसात से एक बार फिर से नदी के जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे बाढ़ का पानी सुरक्षित माने जाने वाले आनंदमयी स्कूल क्षेत्र, गौहरीप्लाट क्षेत्र और उसके संपर्क मार्गों तक पहुंच गया। आधी रात को बढ़े जलस्तर से गांव के पांच मकान ढह गए। नदी का रौद्र रूप देखकर लोग रातभर जागते रहे और बचाव के प्रयास में जुटे रहे। इसके अलावा दर्जनभर घरों की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गईं। बाढ़ के पानी से कई संपर्क बह गए। स्थिति यह है कि गांव की सड़कों पर करीब तीन फुट बाढ़ का पानी बह रहा है। वहीं बाढ़ के साथ आई गाद और कीचड़ गलियों और घरों की चौखट तक जमा है। इससे ग्रामीणों को अब संक्रामक बीमारियों का खतरा सता रहा है। गनीमत रही कि सुबह होने तक बरसात थम गई और जलस्तर में आई गिरावट के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि नदी की रौद्र लहरों के चलते पानी में राफ्ट नहीं उतरने से सोमवार को लोगों को आवागमन की सुविधा नहीं मिल पाई।
दूसरी ओर गौहरीमाफी के हालात का जायजा लेने सोमवार को जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन और अपर जिलाधिकारी बीएस बुदियाल समेत कई विभागों की टीमें गांव में पहुंचीं। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित गौहरीमाफी गांव के कुछ हिस्सों का दौरा किया और तत्काल राहत और बचाव कार्य के लिए निर्देश दिए। इससे पूर्व प्रशासन ने बाढ़ में फंसे कुछ लोगों को रेस्क्यू किया और राहत कैंपों में भोजन आदि की व्यवस्था कराई।