कर्णप्रयाग। तहसील मुख्यालय सहित सिरोसैंण और कोटी की पटवारी चौकियां सालों से बदहाल पड़ी हैं। इन चौकियों की मरम्मत के लिए राजस्व विभाग कोई पहल नहीं कर पाया है। ऐसे में जर्जर हो चुकी चौकियां जहां हादसों का सबब बन रहा है, वहीं इन चौकियों में रखे जाने वाले अभिलेखों और दस्तावेजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
तहसील में तहसील मुख्यालय सहित करीब 13 पटवारी चौकियां संचालित हैं, जिनमें से तीन चौकियों के भवन जर्जर हैं। नौटी रोड पर स्थित तहसील मुख्यालय की पटवारी चौकी की हालात सबसे दयनीय है। एक दशक से यह पटवारी चौकी जर्जर है। यहां का कामकाज कानून गो चौकी के एक कमरे में हो रहा है। वहीं सिमली के सिरोसैंण की पटवारी चौकी क्षतिग्रस्त है, जबकि कोटी की हालत भी दयनीय है। करीब 70 से अधिक राजस्व ग्रामों के भू-अभिलेख सहित, अपराध और अन्य कार्यवाही के दस्तावेजों के संरक्षण जिम्मा इन्हीं पटवारी चौकियों पर है। प्रधान संगठन के संरक्षक सुमन प्रसाद डिमरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, लक्ष्मी प्रसाद खंडूड़ी आदि का कहना है कि जर्जर चौकियों में ग्रामीणों के भूमि संबंधी अभिलेख सुरक्षित नहीं है। दूसरी ओर तहसीलदार विपिन चंद्र पंत ने बताया कि जर्जर हो चुकी चौकियों के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं।