ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
तेज बारिश के बीच जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर की बंद हुई सड़कों में से 12 सड़कों पर मंगलवार को यातायात बहाल करा दिया गया। यातायात बहाल होने पर इन सड़कों से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है। अब भी अन्य 12 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है। लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फसलों को मंडी तक पहुंचाने में काश्तकारों के पसीने छूट रहे हैं। उन्हें खच्चरों और पीठ पर लाद फसलों को मंडी तक पहुंचाना पड़ रहा है।
मंगलवार को विभाग ने इनारीखड्ड-दातनू-बडनू, ऊभरेऊ, उत्पाल्टा-क्याव कांडी, चकराता-माख्टीपुल, अच्छेड़पुल समेत 12 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बहाल करा दी। लोनिवि चकराता अंतर्गत मानथात-चकराता, डेरनाड़ संपर्क मार्ग, लोनिवि कालसी अंतर्गत बायला-बुरायला, अटाल-सैंज मोटर मार्ग, लोनिवि साहिया अंतर्गत समाल्टा मोटर मार्ग, बिजऊ बैंड-भुग्तार, बडनू-जोशीगांव, पानुवा-मसराड़, मुंशीघाटी-देऊ, बसाया, गड़ेथा संपर्क मार्ग समेत 12 संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही अब भी पूरी तरह से ठप पड़ी है। दो दिन से इन गांव से जुड़े लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। उन्हें मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए 3-4 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं भी पीठ पर लाद गांव तक पहुंचानी पड़ रही है। उधर, लोनिवि के मुख्य अभियंता आरके गोयल ने बताया कि सभी सड़कों को खोलने का काम जारी है। मौसम साफ होने पर बुधवार तक सभी संपक मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी जाएगी।
10 घंटे ठप रहा कालसी-चकराता मार्ग
साहिया। जजरेट के पास भारी मात्रा में मलबा आने से जौनसार बावर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर 10 घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। बारिश के बीच देर रात 11 बजे सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई जो सुबह नौ बजे बहाल हो सकी। इस दौरान फसलों से लदे कई वाहन भी बीच सड़क पर फंसे रहे। सड़क बंद होने से कई शिक्षक भी बीच रास्ते में फंस गए। जिस कारण क्षेत्र के कई स्कूल देरी से खुले।