वतन की खातिर शहीद हो चुके हैं गुमानीवाला के तीन जांबाज
तीर्थक्षेत्र के पांच लाल देश रक्षा में कर चुके हैं प्राण न्यौछावर
राव राशिद।
ऋषिकेश। वतन की निगहबानी में सीमा पर दुश्मनों से लोहा लेते हुए गुमानीवाला के एक और लाल हमीर सिंह पोखरियाल शहीद हो गए। उनके बलिदान के बाद अब शहादत की फेहरिस्त क्षेत्र में लंबी हो चली है। गुमानीवाला के तीन बेटे वतन की हिफाजत के लिए शहादत दे चुके हैं। वहीं तीर्थक्षेत्र के पांच लाल अब तक देश रक्षा में प्राण न्यौछावर कर चुके हैं।
वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भोगपुर, रानीपोखरी, ऋषिकेश और गुमानीवाला के तीन सपूत शहीद हुए थे। इसके बाद इसी साल जून में गुमानीवाला क्षेत्र के दो सपूत जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए। वहीं महज पौने दो माह बाद गुमानीवाला क्षेत्र अंतर्गत कुंजापुरी कॉलोनी स्थित निवासी हमीर सिंह पोखरियाल (27) के शहीद होने की सूचना से क्षेत्रवासियों में शोक की लहर है। हमीर सिंह की शहादत से परिवार में मातम तो है, लेकिन भारत मां की रक्षा के लिए बलिदान पर गर्व भी है। वहीं क्षेत्र में शोक की लहर है।
पड़ोसी मुल्क की नापाक हरकत से लोगों में रोष
गुमानीवाला क्षेत्र के लोगों में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की नापाक हरकत से जबरदस्त गुस्सा है। वहीं सरहद पर लगातार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद केंद्र सरकार के रुख को लेकर भी नाराजगी है। दो दशक में पांच लाल को खोने वाले तीर्थनगरी के लोगों की जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर कब तक हमारे जांबाज पाक के नापाक हरकतों के शिकार होते रहेंगे।
कब-कब हुई सपूतों की शहादत
कारगिल युद्ध के दौरान वर्ष 1999 में भोगपुर, रानीपोखरी निवासी कैलास भट्ट (23) शहीद हुए। उनके बाद ऋषिकेश स्थित तिलक रोड निवासी राइफलमैन मनीषा थापा (24) देश की रक्षा करते हुए कुर्बान हो गए। गुमानीवाला निवासी कैप्टन अमित सेमवाल (24) ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए। बीते जून में गुमानीवाला क्षेत्र के ही गुलरानी फार्म निवासी विकास गुरुंग (21) जम्मू-कश्मीर में दुश्मनों से लोहा लेेते हुए शहीद हुए। मंगलवार को गुमानीवाला क्षेत्र की नेदा देवी कॉलोनी में रहने वाले 27 वर्षीय हमीर सिंह पोखरियाल ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहादत दी।