ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
रायवाला। बाढ़ की मार झेल रहे गौहरीमाफी गांव के करीब तीन सौ परिवारों की मुसीबत सोमवार को पांचवें दिन भी कम नहीं हुई। गांव के बीचोंबीच बह रही सौंग नदी के रुख देख कर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हालांकि एसडीआरएफ की टीम ड्यूटी, उपचार और अन्य जरूरी कार्यों से गांव से बाहर जाने वालों को राफ्ट के जरिए नदी पार करा रही है। इसके अलावा सोमवार सो प्रशासन की ओर से गांव में रसद और ईंधन उपलब्ध कराया गया।
गौहरीमाफी क्षेत्र में बाढ़ का प्रकोप सोमवार को भी जस का तस बना रहा। गांव में घुसी सौंग की जलधारा के बीच फंसे करीब तीन सौ परिवार गांव में कैद रहने को मजबूर हैं। इस दौरान गांव के कुछ लोगों को उपचार के लिए अस्पताल और ड्यूटी पर जाने वाले लोगों को एसडीआरएफ की टीम से संपर्क साधना पड़ा। सोमवार को एडीएम बीरसिंह बुदियाल ने गौहरीमाफी का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान मौके पर एसडीएम हर गिरि, जिला पूर्ति अधिकारी विपिन कुमार, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता डीबी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग डीके सिंह मौजूद थे।
एसडीआरएफ के जवानों पर भड़के ग्रामीण
जरूरी कार्य और नियमित ड्यूटी पर जाने के लिए गांव में फंसे कुछ लोगों को रेस्क्यू कर गांव से पहले रस्सियों के सहारे निकालने का प्रयास किया गया। जिससे खतरे की आशंका जताते हुए ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके बाद एसडीआरएफ की जवानों ने राफ्ट के जरिए लोगों को नदी पार कराई।