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तूल पकड़ता जा रहा मेरी बामणी गीत का विरोध

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गोपेश्वर। युवा गायक नवीन सेमवाल और गायिका हेमा करासी के स्वरचित गीत ‘मेरी बामणी’ का विरोध तूल पकड़ता जा रहा है। भृगु ज्योतिष अनुसंधान एवं मंत्र साधना केंद्र नंदप्रयाग के पंडित शंभू प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में जिले के ब्राह्मणों ने डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर गीत पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। मांग पर कार्रवाई न होने पर शंभू प्रसाद ने जल समाधि लेने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि गीत में अव्यवहारिक शब्दों का प्रयोग किया गया है। इस गीत के माध्यम से बामण (ब्राह्मण) और उनकी पत्नी के बीच यजिमानी में जाने को लेकर हुए संवाद को दिखाया गया है। गीत में जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया है और ब्राह्मण का मजाक उड़ाया गया है। इस मौके पर कलपेश्वर प्रसाद सती, भगवती प्रसाद देवराड़ी, नारायण दत्त मैंदोली, सूरजमणी सती, वंशीधर पांडे, योगेश गौड़, योगेश्वर प्रसाद, प्रकाश गौड़, अनसूया प्रसाद सती और राकेश चंद्र सती आदि मौजूद थे।
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किसी व्यक्ति विशेष या समुदाय को नहीं पहुंचाई ठेस: नवीन
रुद्रप्रयाग। रंगकर्मी, गीतकार व गायक नवीन सेमवाल ने अपने गढ़वाली एलबम मेरी बामणी को लेकर उपजे विवाद को निराधार बताया। कहा कि गीत में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे किसी की छवि खराब हो रही है। कहा कि अगर ऐसा होता तो, गीत को एक पखवाड़े से भी कम समय में यू-ट्यूब पर 6.5 लाख श्रोता पसंद नहीं करते। एक जारी बयान में सेमवाल ने कहा कि इस गीत के माध्यम से किसी की भावनाओं या आत्म सम्मान को ठेस पहुंचना उनका मकसद नहीं हैं। किसी व्यक्ति-विशेष या समुदाय को आधार बनाकर यह गीत नहीं लिखा गया है। कहा कि दर्शकों से मिल रहे आशीर्वाद से गीत को खूब प्रशंसा मिल रही है।
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