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परियोजना प्रभावित जबरन घुसे पावर हाउस परिसर में-CITY

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श्रीनगर। रोजगार समेत अन्य मांगों के लिए लंबे समय से आंदोलित श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावितों का धैर्य बुधवार को जवाब दे गया। प्रभावित आंदोलनकारी जबरन पावर हाउस परिसर में घुसकर धरने पर बैठ गए। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो आंदोलनकारियों ने गेट की चाबी छीनकर अपने कब्जे में ले ली। इस दौरान परियोजना समन्वयक संतोष रेड्डी को कंपनी के सुरक्षा कर्मियों और होमगार्ड जवानों ने बमुश्किल उत्तेजित आंदोलनकारियों की गिरफ्त से छुड़ाया।
उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के बैनर तले जल विद्युत परियोजना प्रभावित बुधवार को मढ़ी से जनसभा के बाद विद्युत उत्पादन ठप कराने पावर हाउस की ओर पहुंच गए। गेट पर पुलिस, होमगार्ड और कंपनी के सुरक्षा कर्मियों ने आंदोलनकारियों को रोकने की कोशिश की, तो मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर, धारी की पूर्व बीडीसी सदस्य पुष्पा देवी व अन्य आंदोलनकारी गेट पर चढ़ते हुए पावर हाउस परिसर में कूद गए। अंदर घुसे अंादोलनकारियों ने गेट का ताला खोल दिया। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में आंदोलनकारी पावर हाउस के मुख्य दरवाजे तक पहुंच गए।
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सूचना पर पहुंचे तहसीलदार ने आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आंदोलनकारियों ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया। वार्ता के लिए पहुंचे परियोजना समन्वयक संतोष रेड्डी को मुआवजे के नए चेक देने के लिए एक घंटे की मोहलत देते हुए आंदोलनकारियों ने चेताया कि एक घंटा बीतते ही वह गेट खोलकर उत्पादन ठप कर देंगे। रेड्डी की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर आंदोलनकारी और उग्र हो गए। वे समन्वयक रेड्डी को धारी देवी मंदिर ले जाने की बात कहकर बाहर की ओर खींच ले आए। कंपनी के सुरक्षा कर्मियों और होमगार्ड जवानों ने रेड्डी को किसी प्रकार उत्तेजित आंदोलनकारियों की गिरफ्त से छुड़ाकर कमरे में बंद कर दिया। आंदोलनकारी फिर भी नहीं माने और उसी कमरे के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान बचाव में आए परियोजना कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की गई। विरोध प्रदर्शन में पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजयंत निजवाला, राजेश पांडे, जिला पंचायत सदस्य उत्तम भंडारी, ग्राम प्रधान मढ़ी जयकृष्ण भट्ट, आयुष मियां, मोहन लाल आदि शामिल थे। मंच के संयोजक दौलत कुंवर समेत अन्य आंदोलनकारियों ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों पर कंपनी का बचाव करने का आरोप लगाया।
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हल्के में लिया आंदोलन को
श्रीनगर। जिस तरह आसानी से आंदोलनकारी पावर हाउस जैसे संवेदनशील स्थान में घुस गए, उससे लगता है कि पुलिस-प्रशासन ने आंदोलन को हल्के में लिया। पावर हाउस परिसर के गेट में चंद पुलिस कर्मी, होमगार्ड जवान व ट्रेनी राजस्व उप निरीक्षक तैनात थे। भीड़ के सामने उनकी एक नहीं चली। हालांकि होमगार्ड के जवानों ने काफी फुर्ती दिखाकर मामले को संभाला। इधर, एसडीएम कीर्तिनगर नूपुर वर्मा का कहना है कि पुलिस फोर्स कांवड़ ड्यूटी और घनसाली गई हुई है।

प्रभावितों की मुख्य मांगें
-जिन चेकों का भुगतान नहीं हुआ है, उनका ब्याज सहित भुगतान।
-लीज पर ली गई भूमि का शर्तों के अनुसार भुगतान करे।
-परियोजना प्रभावितों को नौकरी।
-लिखित और मौखिक समझौते के अनुसार पैकेज का भुगतान।
-नहर से प्रभावित गांवों का संपूर्ण विस्थापन।
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