गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में चट्टान से मलबा आने से बार-बार बाधित हो रहा है। मंगलवार रात को करीब नौ बजे लामबगड़ में मलबा और बोल्डर आने से बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया था, जो बुधवार सुबह नौ बजे वाहनों की आवाजाही केे लिए सुचारु हो पाया। हाईवे खुला तो पांडुकेश्वर बाजार में रोके गए 532 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुए, जबकि बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लौट रहे 463 तीर्थयात्री गंतव्य को रवाना हुए।
लामबगड़ चट्टान के शीर्ष भाग से थोड़ी सी बारिश होने पर भी भूस्खलन हो रहा है, जिससे यहां बार-बार मलबा आ रहा है। बारिश होने पर गोविंदघाट पुलिस थाने की ओर से बदरीनाथ धाम जा रहे वाहनों की आवाजाही रोक दी जा रही है। मंगलवार रात को करीब नौ बजे हाईवे मलबा और पत्थर आने से बंद हो गया। हाईवे बंद होने की सूचना पर सुबह पांच बजे बदरीनाथ धाम जाने और वहां से आने वाले तीर्थयात्रियों को पुलिस ने पांडुकेश्वर और लामबगड़ बाजार में ही रोक दिया। सुबह सात बजे मेकाफेरी कंपनी के मजदूर और जेसीबी ने मलबा हटाने का काम शुरू किया और सुबह नौ बजे तक यात्रा वाहनों का संचालन शुरू करवा दिया गया।
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चमोली जिले की 18 सड़कें अभी भी बंद
गोपेश्वर। चमोली जिले में भूस्खलन और भू-धंसाव के कारण 18 ग्रामीण सड़कें बंद पड़ी हैं, जिससे ग्रामीणों को लंबी दूरी पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। चमोली-लासी, सरतोली, पोखरी-उडामांडा, बिरही-निजमूला-गौणा-पगना, उडामांडा-चौंडी-रौता, पोखरी-वल्ली-हरिशंकर समेत कई सड़कें बंद पड़ी हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि बारिश थमने पर सड़कें खोल दी जा रही हैं, लेकिन रात को हो रही बारिश से दोबारा सड़कें मलबा आने से बंद हो रही हैं। सड़कों को खोलने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।