गैरसैंण। स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की मांग के लिए खंसर घाटी के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्कूल के मध्यावकाश के बाद खंसर घाटी के नौ स्कूलों के छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने स्कूलों के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि घाटी के तीन इंटर कालेज, दो हाईस्कूल और 4 जूनियर हाईस्कूलों में स्वीकृत पदों के सापेक्ष 60 प्रतिशत से अधिक पद खाली पड़े हैं। सुचारु पढ़ाई न होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इंटर कालेजों की हालात सबसे अधिक दयनीय है। प्रदर्शनकारियों ने कहा यदि जल्द मामले में कार्रवाई नहीं की जाती तो छह अगस्त को माइथान में महारैली का आयोजन किया जाएगा।
खंसर घाटी विकास संघर्ष समिति के नेतृत्व में खंसर घाटी के जीआईसी नैलखंसर, इंटर कालेज बछुवाबांण, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झूमाखेत, गोगिना, जूनियर हाईस्कूल दिवागाड़, पत्थरकट्टा, कन्या जूनियर स्कूल माइथान और जूनियर स्कूल सेरा में प्रदर्शन किया गया। मध्यावकाश के बाद हुए प्रदर्शन में स्कूली बच्चे भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जीआईसी नैल में छात्र संख्या 232 है, लेकिन यहां स्वीकृत 16 पदों में से महज सात पदों पर शिक्षक हैं। जीआईसी बछुवाबांण की छात्र संख्या 332 है लेकिन यहां स्वीकृत 24 पदों के सापेक्ष महज 9 पदों पर ही शिक्षकों की तैनाती है। जीआईसी लाटूगैर में शिक्षक के चार और एलटी में तीन पद खाली पड़े हैं। जीआईसी लाटूगैर की छात्र संख्या 255 है। वहीं हाईस्कूल झूमाखेत में पढ़ने वाले 106 बच्चों के लिए महज दो शिक्षक तैनात हैं, तो हाईस्कूल गोगिना में दो शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल दिवागाड़, पत्थरकट्टा, कन्या जूनियर हाईस्कूल माइथान और सेरा में भी शिक्षकों के कई पद रिक्त है। ऐसे में यहां पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है।
नैलखंसर के पीटीए अध्यक्ष रघुवीर सिंह का कहना है कि जून में यहां ग्रामीणों ने आंदोलन किया तक विभाग द्वारा 30 जून तक शिक्षकों को तैनात करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन शिक्षक तैनात करना तो दूर यहां तैनात दो शिक्षकों का तबादला करने की प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी। ऐसे में शिक्षक विहीन स्कूलों में बच्चे क्या पढ़ेंगे। खंसर घाटी विकास संघर्ष समिति के संयोजक अवतार सिंह पुंडीर ने कहा कि यदि मामले में सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती तो छह अगस्त को माइथान में महारैली निकाली जाएगी। इसके बाद उग्र आंदोलन के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह, हयात सिंह, रघुबीर बिष्ट, कुशलसिंह, राजेंद्र सिंह रावत, अवतार सिंह विष्ट, उमेद सिंह बिष्ट, मालकोट के प्रधान शैन सिंह, टैटुडा के प्रधान चंद्र सिंह, नैल की प्रधान हेमलता देवी, फते सिंह, नरेंद्र सिंह आदि शामिल थे।