ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
पर्यावरण प्रेमियों के लिए अच्छी खबर हैं। यमुना नदी से सटे ऊंचाई वाले क्षेत्रों और आसपास के जलस्रोतों में नीडल फिश (जेनिटेडोन कैनिला) की मौजूदगी को दर्ज किया गया है। साफ पानी की यह मछली अमूमन मैदानी इलाकों में पायी जाती है, जो बरसात के सीजन में ब्रीडिंग के लिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों का रुख करना शुरू करती है, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है जब इसकी मौजूदगी को यमुना नदी के ऊंचाई वाले क्षेत्र में भी दर्ज किया गया है।
जिले की बात की जाए तो यह मछली अमूम सौंग और आसन नदी क्षेत्र में पायी जाती है, लेकिन पहली बार इसे यमुना नदी में भी ट्रेस किया गया है। महाशिर, रोहू और सुहाल और बान मछली के लिए पहचान रखने वाली यमुना नदी में पहली बार नीडल फिश (जेनिटेडोन कैनिला) के मिलने से पर्यावरण प्रेमियों के चेहरे खिल उठे हैं। मंगलवार को लोगों ने इस मछली को कालसी तहसील के बौसान गांव में नदी किनारे देखा।
स्थानीय ग्रामीण सतेंद्र प्रताप सिंह, अक्षय कुमार, जगत सिंह, सुरेंद्र चौहान आदि का कहना है कि बीते दिनों यमुना में आई बाढ़ के बाद पानी का जलस्तर कम होने पर लोगों ने बड़ी तादात में इन मछलियों को देखा है। यह पहला मौका है जब ग्रामीणों ने इस प्रजाति की मछली को यमुना नदी में देखा। विशेषज्ञों का कहना है कि निचले इलाकों में यह मछली बहुतायत मात्रा में पायी जाती है। हो सकता है कि बरसात में ब्रीडिंग के लिए इन मछलियों ने आसन नदी के साथ ही इस बार यमुना नदी के ऊंचाई वाले इलाकों का रुख किया हो। आकार में करीब छह इंच लंबी और सिल्वर रंग की इन मछलियों के दांत बेहद तीखे होते हैं।
ब्रीडिंग काल में यह मछलियां साफ पानी का रुख करने लगती हैं। जो जल पौधों की टहनियों और मिट्टी और पत्थरों के बीच बनी गुफा में अपने अंडे देती है। ऐसे में हो सकता है इस बार इन मछलियों ने साफ पानी के जलस्रोतों की तलाश में आसन नदी के साथ ही यमुना नदी के ऊंचाई वाले इलाकों का रुख किया हो।
- डॉ. एचके पुरोहित, उपनिदेशक मत्सय विभाग