ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
ग्राम पंचायत केदारावाला में उफनाई शीतला नदी की चपेट में आकर कई हेक्टेयर जमीन दरियाबुर्द हो गई। इससे काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने नदी किनारे बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य कराने के साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत खेतों को बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए पानी हटाने की मांग की। उन्होंने इस संबंध में एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। एसडीएम ने जल्द ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मिल समस्या से निजात दिलाने का भरोसा दिलाया है।
मंगलवार को ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान इमरान खान के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि बीते दिनों भारी बारिश के बीच उफनाई शीतला नदी की चपेट में आकर करीब एक दर्जन से अधिक काश्तकारों की सैकड़ों हेक्टेयर भूमि पानी के तेज बहाव में बह गई। बीते साल भी बारिश से खेतों को खासा नुकसान पहुंचा था। कहा हर साल बाढ़ उनके खेतों को खा रही है लेकिन अब तक नदी किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं हो पाए हैं। कहा यदि जल्द ही नदी किनारे बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराए जाते तो उन्हें आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में शबीर हसन, रियासत अली, कासिम अली, लियाकत अली, मुमताज अली, इरशाद अली, शौकत अली, असगर अली, अख्तर अली, मुकेश पाल, चेतराम, शिशुपाल, मेघराज, बलबीर आदि शामिल रहे।
सुरक्षा दीवार गिरी
कालसी प्रखंड के हाईस्कूल कनबुआ में स्कूल के नीचे बनाई गई सुरक्षा दीवार ढह गई। गनीमत यह रही कि हादसा रात को हुआ। जिस कारण कोई नुकसान नहीं हुआ। प्रधानाचार्य नसीनुउला अंसारी का कहना है कि मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
सुरक्षात्मक कार्य की मांग
चकराता। बुरास्वा गांव के बिसधार खेड़ा निवासी आलमदास ने उसके मकान के नीचे सुरक्षात्मक कार्य कराने की गुहार लगाई है। तहसीलदार को भेजे गए पत्र में उन्होंने कहा कि बीते 28 जुलाई को तेज बारिश के बीच उसके मकान के नीचे भूस्खलन हो गया। जिस कारण घर के नीचे खड़े देवदार के 12 पेड़ टूट गए। उसके मकान में दरारें पड़ गई। यदि समय रहते मकान के नीचे सुरक्षात्मक कार्य नहीं हुए तो उसके मकान को खासा नुकसान पहुंच सकता है। तहसीलदार चकराता केएस नेगी ने बताया कि मामले में राजस्व उपनिरीक्षक क्वांसी से जांच रिपोर्ट मांगी गई है।