फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नदियों में हो रहे करोड़ों के काम, सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कर्णप्रयाग। नमामि गंगे के तहत अलकनंदा और पिंडर नदियों में ही निर्माण कार्य हो रहे हैं। बीस करोड़ की लागत से यहां काम होने हैं और स्थिति यह है कि यहां बनाए गए सीवर टैंक नदियों के बहाव से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में हो रहे सुरक्षा कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एसडीएम ने भी मामले में धन का दुरुपयोग मानते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन

नगर के पिंडर और अलकनंदा नदियों पर करीब 12 करोड़ की लागत से सीवर ट्रीटमेंट का काम हो रहा है। इसके तहत नदी में सीधे गिरने वाले पालिका के सभी गंदे नालों की टेपिंग कर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (सीवर टैंक) में डालना है, लेकिन योजना के तहत बनने वालों टैंक नदी के बहाव स्तर पर बनाए जा रहे हैं। हालत है कि नदी के उफनते ही इन सीवर टैंकों केे आधा अधूरे निर्माण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पूर्व छात्र नेता पंकज डिमरी, देवी प्रसाद मैखुरी, धीरेंद्र भंडारी, दुग्ध संघ की पूर्व अध्यक्ष राजेश्वरी नेगी सहित अन्य लोगों का कहना है कि टैंकों का लेवल पिंडर नदी लेवल पर है। यही नहीं नगर में नमामि गंगे के तहत सात करोड़ से अधिक की लागत से बन रहे श्मशान और स्नान घाटों के काम भी नदी के उफान की भेंट चढ़ गए। एसडीएम जीआर बिनवाल ने कहा कि घाट का निर्माण अलकनंदा नदी में किया जा रहा है, जिसे सरकारी धन का दुरुपयोग मानते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। वहीं सीवर ट्रीटमेंट योजना के दो टैंक पिंडर नदी में बन रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि नालों को टेपिंग के लिए एलाइनमेंट सही करने के लिए नदियों में टैंक बनाने की बात निर्माणदायी कंपनी कह रही है। हालांकि निर्माणदायी संस्था को गुणवत्तापरक काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें